कोलार के संस्कार गार्डन में करंट लगने और ऊंचाई से गिरने से सफाई कर्मी की मौत

कोलार के संस्कार गार्डन में करंट लगने और ऊंचाई से गिरने से सफाई कर्मी की मौत
दो साल पहले भी इसी गार्डन के सीवेज टैंक में हुई थी एक मौत, प्रबंधन ने नहीं लिया सबक
मालिक ने मदद से किया इनकार, आक्रोशित परिजनों ने सिक्स-लेन हाईवे पर शव रखकर किया उग्र चक्काजाम
भोपाल, यश भारत। कोलार स्थित संस्कार गार्डन में शनिवार को प्रबंधन की अमानवीय और जानलेवा लापरवाही का एक मामला सामने आया है। यहां पिछले 20 वर्षों से कार्यरत ओम नगर निवासी सफाई कर्मचारी दिलीप की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना से गुस्साए परिजनों और स्थानीय रहवासियों ने संस्कार गार्डन के सामने सिक्स-लेन हाईवे पर मृतक का शव रखकर उग्र प्रदर्शन किया, जिससे घंटों यातायात बाधित रहा। परिजनों का आरोप है कि गार्डन प्रबंधन की मनमानी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ है।
धौंस दिखाकर कराया जा रहा था जोखिम भरा काम
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, संस्कार गार्डन के प्रबंधक और ओनर के भाई संजय जैन द्वारा सफाई कर्मचारी दिलीप को जबरन और बिना किसी सुरक्षा उपकरण के छत पर चढ़ाकर बिजली का काम कराया जा रहा था। कार्य के दौरान दिलीप अचानक बिजली के चालू करंट की चपेट में आ गया और अनियंत्रित होकर ऊंचाई से नीचे गिर गया। सिर और शरीर में गंभीर चोटें आने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
पहले भी निगल चुका है एक जान
गार्डन में सुरक्षा से खिलवाड़ का यह कोई पहला मामला नहीं है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि लगभग दो वर्ष पूर्व भी इसी संस्कार गार्डन के सीवेज टैंक की सफाई करते समय एक स्वीपर की दम घुटने से मौत हो गई थी। उस गंभीर हादसे के बाद भी न तो प्रशासन ने गार्डन पर कोई कड़ा एक्शन लिया और न ही प्रबंधन ने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर कोई सबक सीखा।
रोजी-रोटी का संकट, मालिक ने झाड़ा पल्ला
मृतक दिलीप अपने घर का एकमात्र सहारा था। उसकी दो बेटियां हैं और अब पूरे परिवार के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद जब परिजनों ने न्याय और मुआवजे की मांग की, तो संस्कार गार्डन के मालिक ने किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता देने से साफ मना कर दिया। प्रबंधन के इस अमानवीय रवैये के बाद ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और वे शव को सड़क पर लाने को मजबूर हुए।
राजनीतिक रसूख के आगे बेबस पुलिस? अब तक FIR नहीं
चक्काजाम स्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि गार्डन की ओनर अर्चना जैन की मजबूत राजनीतिक पकड़ है, जिसके दबाव में स्थानीय पुलिस प्रशासन मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है। घटना के कई घंटे बीत जाने और सड़क पर भारी बवाल होने के बावजूद खबर लिखे जाने तक मामले में कोई भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी। रहवासियों का कहना है कि जब तक दोषियों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज नहीं होता और पीड़ित परिवार को मुआवजा नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।







