भोपाल में वायरल फीवर का बढ़ा असर, रोजाना 600 मरीज पहुंच रहे अस्पताल , सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार से ओपीडी में बढ़ रही भीड़ , बिना सलाह पेनकिलर और एंटीबायोटिक लेने से किडनी पर खतरा

भोपाल में वायरल फीवर का बढ़ा असर, रोजाना 600 मरीज पहुंच रहे अस्पताल
सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार से ओपीडी में बढ़ रही भीड़ , बिना सलाह पेनकिलर और एंटीबायोटिक लेने से किडनी पर खतरा
यश भारत, भोपाल। राजधानी में बदलते मौसम के बीच सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। रोजाना करीब 600 मरीज वायरल फीवर जैसे लक्षणों के साथ अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। प्रदेशभर में यह संख्या करीब 3 हजार बताई जा रही है। इंदौर और जबलपुर में रोजाना लगभग 500-500 ग्वालियर में 200 और उज्जैन में करीब 150 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
बुखार और दर्द से तुरंत राहत पाने के लिए कुछ लोग बिना चिकित्सकीय सलाह के पेनकिलर और एंटीबायोटिक दवाएं ले रहे हैं। चिकित्सकों ने आगाह किया है कि दवाओं का गलत इस्तेमाल और लंबे समय तक सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। विशेष रूप से कुछ दर्द निवारक दवाएं किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
तीन महीने तक खाता रहा दर्द की दवा, बढ़ा क्रिएटिनिन
चिकित्सकों के सामने 20 वर्षीय युवक का मामला सामने आया है, जिसकी किडनी प्रोफाइल बिगड़ने और क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ने की जानकारी मिली। बताया गया कि गर्दन की नस दबने के कारण युवक को सिरदर्द की शिकायत थी। दर्द से राहत पाने के लिए वह करीब तीन महीने तक दर्द निवारक दवाओं का सेवन करता रहा।
बाद में जांच में किडनी संबंधी गड़बड़ी सामने आई
यह मामला बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक दवाएं लेने के संभावित खतरों को उजागर करता है। हालांकि, किडनी की समस्या के वास्तविक कारण की पुष्टि चिकित्सकीय जांच के आधार पर ही की जा सकती है।
गूगल देखकर खुद इलाज करना पड़ सकता है भारी
तुरंत आराम पाने की कोशिश में लोग गूगल और सोशल मीडिया पर मिली जानकारी के आधार पर दवाएं लेने लगते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, हर मरीज में बुखार और दर्द का कारण अलग हो सकता है। ऐसे में बिना जांच दवा लेना नुकसानदायक साबित हो सकता है। एंटीबायोटिक सामान्य वायरल संक्रमण में प्रभावी नहीं होतीं। इनका अनावश्यक इस्तेमाल भविष्य में बैक्टीरिया पर दवाओं के असर को कम कर सकता है। इसी तरह कुछ पेनकिलर दवाओं का अधिक मात्रा में या लंबे समय तक सेवन किडनी सहित अन्य अंगों को प्रभावित कर सकता है।
डॉक्टरों की सलाह बिना परामर्श न लें दवाएं
चिकित्सकों ने लोगों को सलाह दी है कि बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक न लें और दर्द निवारक दवाओं का लगातार सेवन करने से बचें। बुखार या दर्द लंबे समय तक बना रहे अथवा लक्षण गंभीर हों तो चिकित्सकीय परामर्श लेकर जरूरी जांच कराएं। डॉक्टरों के अनुसार, पर्याप्त आराम, तरल पदार्थों का सेवन और लक्षणों के अनुसार उचित उपचार जरूरी है। किसी भी दवा की खुराक और अवधि डॉक्टर की सलाह से ही तय करनी चाहिए। समय पर जांच और सही उपचार से अनावश्यक दवाओं के सेवन से होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।






