मौसमी बीमारियों का प्रकोप, अस्पतालों में बढ़ रही मरीजों की भीड़, ग्रामीण अंचलों में झोलाछाप काट रहे चांदी
कटनी, यशभाारत। जिला चिकित्सालय के साथ ग्रामीणों अंचलों में संचालित स्वास्थ्य केंद्र में इन दिनों मौसमी बीमारियों से पीडि़त मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वायरल फीवर, टाइफाइड, त्वचा संबंधी संक्रमण और गैस्ट्रोएंटेराइटिस उल्टी-दस्त के मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। प्राप्त जानकारी के आधार पर सोमवार-मंगलवार को जिला अस्पताल में करीब 475 से ज्यादा मरीजों का उपचार किया गया, जो सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक है। सिविल सर्जन डॉ यशवंत वर्मा ने बताया कि इन दिनों मरीजों की बढ़ती संख्या का मुख्य कारण दूषित पानी और गंदगी हैं। उन्होंने कहा संक्रमित पानी पीने और आसपास की गंदगी के कारण लोग ज्यादा बीमार पड़ रहे हैं।
इस तरह से करें बचाव लोग
केवल साफ और उबला हुआ पानी पिएं। बाहर का खाना खाने से बचें और अपने आसपास की स्वच्छता बनाए रखें। साथ ही व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने और नियमित रूप से हाथ धोएं। यदि किसी को बुखार, उल्टी-दस्त या त्वचा संबंधी कोई समस्या होए तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय परामर्श लें और स्वयं दवा न लें।
अस्पताल प्रांगण में फैली गंदगी बनी परेशानी
एक ओर जहां बीमारों की भीड़ अस्पताल में लगी है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अंचलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का प्रांगण मवेशियों के गोबर और कचरे से पटा है। अस्पताल प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों को इस ओर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। अस्पताल परिसर की साफ सफाई सुनिश्चित करना और नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है, ताकि जिला अस्पताल में आसपास के ग्रामीण अंचलों से आने वाले लोगों को बीमारियों से सुरक्षा मिल सके।
ओपीडी मरीजों का आंकड़ा
22 जुलाई 290
23 जुलाई 265
24 जुलाई 245
25 जुलाई 248
26 जुलाई 255
28 जुलाई 375
29 जुलाई 385
कटनी, यशभाारत। जिला चिकित्सालय के साथ ग्रामीणों अंचलों में संचालित स्वास्थ्य केंद्र में इन दिनों मौसमी बीमारियों से पीडि़त मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वायरल फीवर, टाइफाइड, त्वचा संबंधी संक्रमण और गैस्ट्रोएंटेराइटिस उल्टी-दस्त के मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। प्राप्त जानकारी के आधार पर सोमवार-मंगलवार को जिला अस्पताल में करीब 475 से ज्यादा मरीजों का उपचार किया गया, जो सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक है। सिविल सर्जन डॉ यशवंत वर्मा ने बताया कि इन दिनों मरीजों की बढ़ती संख्या का मुख्य कारण दूषित पानी और गंदगी हैं। उन्होंने कहा संक्रमित पानी पीने और आसपास की गंदगी के कारण लोग ज्यादा बीमार पड़ रहे हैं।
इस तरह से करें बचाव लोग
केवल साफ और उबला हुआ पानी पिएं। बाहर का खाना खाने से बचें और अपने आसपास की स्वच्छता बनाए रखें। साथ ही व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने और नियमित रूप से हाथ धोएं। यदि किसी को बुखार, उल्टी-दस्त या त्वचा संबंधी कोई समस्या होए तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय परामर्श लें और स्वयं दवा न लें।
अस्पताल प्रांगण में फैली गंदगी बनी परेशानी
एक ओर जहां बीमारों की भीड़ अस्पताल में लगी है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अंचलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का प्रांगण मवेशियों के गोबर और कचरे से पटा है। अस्पताल प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों को इस ओर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। अस्पताल परिसर की साफ सफाई सुनिश्चित करना और नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है, ताकि जिला अस्पताल में आसपास के ग्रामीण अंचलों से आने वाले लोगों को बीमारियों से सुरक्षा मिल सके।
ओपीडी मरीजों का आंकड़ा
22 जुलाई 290
23 जुलाई 265
24 जुलाई 245
25 जुलाई 248
26 जुलाई 255
28 जुलाई 375
29 जुलाई 385








