गढ़ाफाटक की बड़ी महाकाली को नम आंखों से विदाई, सुबह 10:30 बजे हुआ विसर्जन

जबलपुर,यशभारत। संस्कारधानी जबलपुर में विजयादशमी के अवसर पर गढ़ा फाटक में विराजित बड़ी महाकाली की विसर्जन यात्रा मंगलवार, 20 अक्टूबर की शाम 6 बजे पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ प्रारंभ हुई। माता रानी को अंतिम विदाई देने के लिए सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। माता महाकाली की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु घंटों तक विसर्जन मार्ग पर डटे रहे। पूरे रास्ते भक्तों की भारी भीड़ नजर आई और जगह-जगह माता रानी का स्वागत कर पूजन-अर्चन किया गया।

बड़ी महाकाली की विसर्जन यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। मंगलवार की रात करीब 3:30 बजे जुलूस मालवीय चौक पहुंचा। इसके बाद यात्रा सुपर मार्केट, लॉर्डगंज, बड़ा फुहारा, मिलौनीगंज और घोड़ा नक्कास होते हुए आगे बढ़ी। रातभर सड़कों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। माता रानी के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में लोग परिवार सहित पहुंचे। पूरे मार्ग में भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा।
बुधवार सुबह हनुमानताल पहुंचा जुलूस

करीब 16 घंटे तक चली विसर्जन यात्रा बुधवार, 21 अक्टूबर की सुबह लगभग 8 बजे हनुमानताल पहुंची। यहां माता महाकाली के विसर्जन की तैयारियां पूरी की गईं और विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद सुबह करीब 10:30 बजे माता महाकाली का विसर्जन संपन्न हुआ। इस तरह भक्तों ने नम आंखों और जयकारों के बीच माता रानी को विदाई दी।

बड़ी महाकाली की विसर्जन यात्रा एक बार फिर संस्कारधानी की धार्मिक परंपरा, श्रद्धा और सामूहिक आस्था का भव्य नजारा पेश कर गई। माता रानी के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ ने पूरे शहर को भक्तिमय बना दिया।





