आरटीओ में दलालों का राज,250 से ज्यादा बिचौलियों के सक्रिय होने का आरोप
सीधे पहुंचने वाले आवेदक परेशान, एजेंटों के जरिए मिनटों में हो रहे काम

जबलपुर, यशभारत। परिवहन विभाग में अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन होने के बावजूद माढ़ोताल स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में आम लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज अपलोड और शुल्क जमा करने के बाद भी ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन ट्रांसफर समेत कई कामों के लिए लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वहीं एजेंटों के माध्यम से पहुंचने वाली फाइलों का निपटारा तेजी से होने के आरोप लग रहे हैं।
ऑनलाइन सिस्टम लेकिन दलाल बिना काम मुश्किल
आवेदकों की सुविधा के लिए बनाए गए काउंटर अधिकांश समय खाली दिखाई देते हैं। लोगों का कहना है कि यहां तैनात अधिकारी-कर्मचारी सीधे पहुंचे लोगों से ठीक से बात तक नहीं करते, जबकि दलालों के जरिए आने वाले मामलों को प्राथमिकता दी जाती है। इससे कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
250 से ज्यादा एजेंट सक्रिय खुलेआम चल रहा खेल
लोगों का आरोप है कि आरटीओ कार्यालय के बाहर 250 से अधिक एजेंट सक्रिय हैं, जो तय रकम लेकर कुछ ही समय में काम कराने का दावा करते हैं। जबकि नियमों के तहत स्वयं आवेदन करने वाले लोगों को कभी दस्तावेजों में कमी तो कभी अन्य तकनीकी कारण बताकर हफ्तों और महीनों तक भटकाया जाता है।
डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बावजूद यदि आम नागरिक को अपने काम के लिए बिचौलियों का सहारा लेना पड़ रहा है, तो यह पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के दावों पर सवाल खड़ा करता है। लोगों ने परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से दलालों के नेटवर्क पर कार्रवाई कर आम नागरिकों को राहत दिलाने की मांग की है।








