राइट टाउन गेट नंबर-4 चौराहा बना हादसों का ब्लैक स्पॉट, प्रशासन की लापरवाही से लगातार हो रहे हादसे
चौराहे के चारों ओर फैला अतिक्रमण

जबलपुर,यशभारत। शहर का व्यस्त राइट टाउन गेट नंबर-4 चौराहा अब आम नागरिकों के लिए “मौत का चौराहा” बनता जा रहा है। आए दिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं के बावजूद नगर प्रशासन और यातायात विभाग की उदासीनता पर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। नागरिकों का आरोप है कि कई शिकायतों और गंभीर हादसों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है।
कुछ समय पूर्व इसी चौराहे पर तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से एक मोटरसाइकिल चालक की दर्दनाक मौत हो गई थी। इसके बावजूद प्रशासन की कार्यप्रणाली में कोई बदलाव नहीं आया। आज भी इस अत्यंत व्यस्त चौराहे पर न तो ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए हैं, न सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है और न ही वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। नतीजतन, रैश ड्राइविंग और यातायात अव्यवस्था के कारण रोजाना दुर्घटनाएं हो रही हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यातायात पुलिस द्वारा इस स्थान को “ब्लैक स्पॉट” घोषित किए जाने के बाद उम्मीद थी कि सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए जाएंगे, लेकिन स्थिति इसके विपरीत बनी हुई है। कई बार संबंधित अधिकारियों को लिखित एवं मौखिक शिकायतें देने के बावजूद न तो स्थायी ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई और न ही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कोई प्रभावी योजना लागू की गई।
चौराहे के चारों ओर फैला अतिक्रमण
नागरिकों का आरोप है कि अतिक्रमण के कारण लेफ्ट टर्न पूरी तरह बाधित हो गया है, जिससे यातायात दबाव बढ़ने के साथ जाम और हादसों की संभावना भी बढ़ गई है। सवाल यह उठता है कि जब संबंधित विभागों को स्थिति की पूरी जानकारी है, तब आखिर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? क्षेत्रवासियों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार करता दिखाई दे रहा है। यदि एक व्यक्ति की जान जाने के बाद भी सुरक्षा उपाय नहीं किए जा सकते, तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।
नागरिकों ने नगर निगम, यातायात पुलिस और जिला प्रशासन से मांग की है कि राइट टाउन गेट नंबर-4 चौराहे पर तत्काल ट्रैफिक सिग्नल स्थापित किए जाएं, सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, अतिक्रमण हटाया जाए, मानक अनुसार स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं तथा 24 घंटे यातायात पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
शीघ्र ही प्रभावी कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो वे जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष संगठित रूप से विरोध दर्ज कराने के लिए बाध्य होंगे। नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि सड़क सुरक्षा कोई सुविधा नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और प्रशासन की जिम्मेदारी भी। अब समय आ गया है कि जिम्मेदार विभाग अपनी जवाबदेही तय करें और इस “मौत के चौराहे” को सुरक्षित बनाने के लिए तत्काल कदम उठाएं।








