भोपालमध्य प्रदेश

आरजीपीवी का इंजीनियरिंग छात्र निकला एटीएम कैश चोरी का मास्टरमाइंड

आरजीपीवी का इंजीनियरिंग छात्र निकला एटीएम कैश चोरी का मास्टरमाइंड

​शाहपुरा पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के 6 सदस्यों को दबोचा, भोपाल के 22 एटीएम से 20 लाख रुपये से अधिक उड़ाने की स्वीकारोक्ति

​वारदात में मास्टर की का प्रयोग, बैंक स्टाफ की संलिप्तता का संदेह; पुलिस खंगाल रही है सुराग

भोपाल,यशभारत। राजधानी के शाहपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार को भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम से हुई नकदी चोरी के मामले में पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस पूरे घटनाक्रम का सूत्रधार राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का एक मेधावी छात्र निकला है। शाहपुरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना सहित छह आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है।

​बिना सुरक्षा गार्ड वाले एटीएम थे सॉफ्ट टारगेट
​पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया मुख्य आरोपी सोनू उर्फ विपुल आरजीपीवी से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष का छात्र है। पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी अत्यंत शातिर तरीके से उन एटीएम बूथों की रेकी करते थे जहां सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं होते थे। वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी अपनी तकनीकी दक्षता का उपयोग करते हुए मास्टर की, शटर टेंपरिंग और कैश ट्रैपिंग जैसी आधुनिक प्रणालियों का सहारा लेते थे।

​कोलार, अवधपुरी और अशोका गार्डन में भी दी वारदात को अंजाम
​इस गिरोह ने अकेले भोपाल शहर में ही सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए शाहपुरा, कोलार, अवधपुरी और अशोका गार्डन जैसे क्षेत्रों के करीब 22 एटीएम को अपना निशाना बनाया। अब तक की जांच में आरोपियों द्वारा 20 लाख रुपये से अधिक की राशि पार करने की पुष्टि हो चुकी है। पुलिस को अंदेशा है कि गिरोह ने प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी इसी तरह हाथ साफ किया है।
​दो कस्टोडियन की चाबियों का रहस्य; बैंक कर्मी जांच के दायरे में
​विवेचना के दौरान सबसे गंभीर मोड़ बैंक की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आया है। नियमानुसार, किसी भी एटीएम का मुख्य चेस्ट कभी भी एक चाबी से नहीं खोला जा सकता; इसके लिए दो अलग-अलग कस्टोडियन के पास रहने वाली मास्टर की की आवश्यकता होती है। आरोपियों के पास इस विशेष चाबी की उपलब्धता होने के कारण पुलिस को बैंक अधिकारियों अथवा कर्मचारियों की मिलीभगत का प्रबल संदेह है। पुलिस इस बिंदु पर केंद्रित होकर जांच को आगे बढ़ा रही है।

​चार पहिया वाहन व नकदी जब्त, बैंक खाते फ्रीज
​पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में प्रयुक्त कार और ₹50 हजार की नकद राशि बरामद की है। इसके अतिरिक्त, गिरोह से जुड़े सभी बैंक खातों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है। पुलिस आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने का प्रयास कर रही है, जिससे व्यापक नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।

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