भोपालमध्य प्रदेश

आरजीपीवी कैंटीन के संचालक से अनुबंध निरस्त, सब्जी में छिपकली मिलने के बाद से मचा है बवाल

आरजीपीवी कैंटीन के संचालक से अनुबंध निरस्त, सब्जी में छिपकली मिलने के बाद से मचा है बवाल

​भोपाल, यशभारत। राजधानी के प्रतिष्ठित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मुख्य कैफेटेरिया में छात्रों की सेहत के साथ खिलवाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है। डिनर के दौरान सब्जी में मरी हुई छिपकली मिलने के आरोपों और छात्रों के कड़े विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने कैंटीन संचालक का अनुबंध (लाइसेंस) तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश भंडार क्रय एवं सेवा उपार्जन नियमों के तहत की गई है।
​साक्ष्य मिटाने की कोशिश और वायरल वीडियो
घटना उस समय तूल पकड़ गई जब कैंटीन में भोजन कर रहे छात्रों को शिमला मिर्च की सब्जी में एक संदिग्ध जीव दिखाई दिया। छात्रों का आरोप है कि जब उन्होंने इसकी शिकायत कैंटीन स्टाफ से की, तो कर्मचारियों ने इसे छिपकली मानने से इनकार कर दिया और उसे ‘शिमला मिर्च का टुकड़ा’ बताया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के अनुसार, विवाद बढ़ने पर एक कर्मचारी ने उस संदिग्ध टुकड़े को उठाकर मुंह में डाल लिया, जिसे छात्रों ने सबूत मिटाने की कोशिश करार दिया है। इस घटना के बाद कैंपस में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में छात्र कैंटीन के बाहर जमा हो गए।
​जांच रिपोर्ट में खुली लापरवाही की पोल
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलपति के निर्देश पर एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में भोजन की गुणवत्ता में भारी गिरावट और रसोई में स्वच्छता मानकों के घोर उल्लंघन की पुष्टि की है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि कैंटीन संचालन में गंभीर लापरवाही बरती जा रही थी, जिससे छात्रों के स्वास्थ्य को खतरा पैदा हुआ।
​आगामी आदेश तक कैंटीन रहेगी बंद
उप-कुलसचिव (प्रशासन) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मुख्य कैंटीन को अगले आदेश तक पूरी तरह बंद कर दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ किया है कि भविष्य में नई व्यवस्था बेहद सख्त शर्तों और नियमित निरीक्षण के साथ लागू की जाएगी। गौरतलब है कि इस मुख्य कैंटीन में रोजाना लगभग 500 छात्र भोजन करते हैं।
​छात्रों का पुराना आक्रोश
एबीवीपी और अन्य छात्र संगठनों ने इस मामले में कुलपति कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन सौंपा था। छात्रों का कहना है कि कैंटीन में खराब भोजन और गंदगी की शिकायतें लंबे समय से की जा रही थीं, लेकिन प्रशासन ने इस बड़ी घटना के होने तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। फिलहाल छात्र कैंपस में वैकल्पिक और सुरक्षित भोजन व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

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