पढ़े खबरे जरा हट के …..आधुनिक रंगों के साथ परंपराओं से जुड़ी Gen Z की दिवाली, 71 प्रतिशत युवा रीति-रिवाजों के पक्षधर…..

जबलपुर, यश भारत। आधुनिक जीवनशैली और बदलते सामाजिक परिवेश के बीच देश की युवा पीढ़ी का अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव बना हुआ है। जेनरेशन जेड के 71 प्रतिशत युवा दीपावली को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाना पसंद करते हैं। एक नए सर्वेक्षण में यह तथ्य सामने आया है। हालांकि, युवा परंपराओं के साथ मनोरंजन, रचनात्मकता और नए अनुभवों को भी त्योहार का हिस्सा बनाना चाहते हैं। सैनरियो की ओर से यूगोव इंडिया के माध्यम से किए गए सर्वेक्षण में 66 प्रतिशत युवाओं ने दीपावली के दौरान खेल और मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियों में रुचि दिखाई। इससे स्पष्ट है कि नई पीढ़ी त्योहार की परंपरागत पहचान बनाए रखते हुए उसमें अपनी पसंद के रंग भी जोड़ना चाहती है।
सर्वेक्षण के मुताबिक, युवाओं के लिए उपहारों की कीमत से अधिक उनका भावनात्मक महत्व मायने रखता है। 64 प्रतिशत युवा ऐसे उपहार पसंद करते हैं, जो उनकी व्यक्तिगत पसंद और जरूरतों को ध्यान में रखकर दिए जाएं। वहीं, 60 प्रतिशत को सोशल मीडिया पर दिखावे के लिए दिए जाने वाले उपहारों की अपेक्षा भावनात्मक जुड़ाव वाले उपहार अधिक पसंद हैं। परिवार और सामाजिक रिश्तों को लेकर भी युवाओं की सोच सामने आई है। 70 प्रतिशत का मानना है कि दीपावली पर प्रत्येक व्यक्ति को अपनापन और सम्मान मिलना चाहिए। वहीं, 60 प्रतिशत युवा बड़े आयोजनों के बजाय छोटे समूहों में त्योहार मनाना पसंद करते हैं। परिवार के साथ समय बिताना, भोजन साझा करना और तस्वीरों के जरिए यादें संजोना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
बचपन की यादें भी दीपावली के उत्साह को प्रभावित करती हैं। 66 प्रतिशत युवाओं ने माना कि बचपन के अनुभव आज भी उनके त्योहार मनाने के तरीके को दिशा देते हैं। खानपान के मामले में 72 प्रतिशत युवाओं ने विशेष रूप से तैयार मिठाइयों और व्यंजनों में रुचि दिखाई। सर्वेक्षण में दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई के 1,203 युवाओं को शामिल किया गया। इसके नतीजे बताते हैं कि आधुनिकता के प्रभाव के बावजूद नई पीढ़ी के लिए दीपावली का सांस्कृतिक और पारिवारिक महत्व कायम है।







