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राजीव गांधी ने खुद फोन कर कहा चुनाव लड़ो, फिर इस कर्नल ने ढहा दिया भाजपा का किला!

कांग्रेस की सरकती बादशाहत को बचाने के लिए दी थी टिकट

 

 

जबलपुर की गतिमान राजनीति में एक दौर ऐसा भी आया, जब कांग्रेस के गढ़ में बाबूराव परांजपे सेंध लगा चुके थे। ऐसे में राजीव गांधी ने फोन कर अपने सखा कर्नल अजय नारायण मुशरान को जबलपुर से लोकसभा चुनाव लडऩे का न्यौता दे दिया। कांग्रेस की ओर से चर्चा में चल रहे सभी नामों को दरकिनार कर कर्नल मुशरान यहां से चुनाव लड़े और जीते भी। वे 1984 से 1989 तक सांसद रहे। वे लगातार दस साल प्रदेश का बजट पेश करने वाले पहले वित्त मंत्री भी थे। कांग्रेस से जुड़े वरिष्ठजनों के अनुसार 1977 में शरद यादव ने जबलपुर लोकसभा क्षेत्र से सेठ गोविंददास को बुरी तरह हराया। इसके बाद से ही गोविंददास व कांग्रेस का वर्चस्व जबलपुर में लडख़ड़ाने लगा था। शरद यादव के जबलपुर छोडऩे के बाद कांग्रेस के मुंदर शर्मा 1980 के आम चुनाव में यहां से जीते। लेकिन उनकी मृत्यु के बाद 1982 में हुए उपचुनाव में बाबूराव परांजपे ने कांग्रेस को उखाड़ फेंका। 1984 में हुए आम चुनाव के पहले कांग्रेस की हालत जबलपुर संसदीय क्षेत्र में खराब थी। इसे संजीवनी देने के लिए कर्नल मुशरान को यहां भेजा गया।

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नरसिंहपुर में भी बजाया डंका-

उनकी निष्ठा व कर्तव्यपारायणता को देखकर उन्हें नरसिंहपुर जिले में कांग्रेस को मजबूती देने के लिए भेजा गया। 1993 में वे नरसिंहपुर सीट से विजयी होकर पहली बार विधानसभा में पहुंचे। कर्नल मुशरान की जीत का सिलसिला 1998 के आम चुनाव में भी कायम रहा। वे दूसरी बार चुनकर विधायक व वित्त मंत्री बनाए गए।

जीवन में फौज की झलक-

कर्नल मुशरान ने जबलपुर के स्नातक की शिक्षा लेने के बाद आर्मी ज्वाइन कर ली थी। राजनीति में आने के पहले उन्होंने सेना में कर्नल के पद से वालंटरी रिटायरमेंट ले लिया। फौजी जीवन की झलक उनके दैनिक व्यवहार व आचरण में भी स्पष्ट झलकती थी।

साफ बोलना था पसंद-

अनेक कांग्रेस नेता बताते हैं कि मुशरान जैसा ईमानदार नेता उन्होंने पूरी जिंदगी में नहीं देखा। वे कुछ ले-देकर काम करने- करवाने की बजाय साफ नहीं बोलना पसंद करते थे। कर्नल मुशरान उन नेताओं में से थे, जो सरकारी काम-काज का खर्च कम करने की हमेशा वकालत करते थे।

कर्नल अजय नारायण मुशरान का राजनीतिक सफर

  • लोकसभा चुनाव 1984
    परिणाम- विजयी
    प्राप्त मत—256911
    पराजित प्रत्याशी- बाबूराव परांजपे
    प्राप्त मत 134588
    विधानसभा चुनाव 1993, नरसिंहपुर
    परिणाम— विजयी
    प्राप्त मत— 40765
    पराजित प्रत्याशी—कैलाश सोनी
    प्राप्त मत—36684
    विस क्षेत्र (1998) नरसिंहपुर
    परिणाम-विजयी
    प्राप्त मत—41259
    पराजित प्रत्याशी—उत्तम चंद
    प्राप्त मत—38396
    विस क्षेत्र (2003) नरसिंहपुर
    परिणाम- पराजित
    प्राप्त मत—43750
    विजयी प्रत्याशी— जालम सिंह पटेल
    प्राप्त मत-59793

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