सफर में सूझबूझ: छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में सहमी बैठी थी घर से भागी किशोरी, अलर्ट टीटीई की सतर्कता से सुरक्षित मिला परिवार

सफर में सूझबूझ: छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में सहमी बैठी थी घर से भागी किशोरी, अलर्ट टीटीई की सतर्कता से सुरक्षित मिला परिवार
भोपाल से बीना के बीच स्लीपर कोच S-2 में अकेली यात्रा कर रही थी 14 वर्षीय बालिका
शक होने पर टीटीई ने की पूछताछ, विदिशा स्टेशन पर आरपीएफ के जरिए परिजनों को सौंपा
भोपाल, यश भारत। पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल में तैनात एक रेलकर्मी की सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। गाड़ी संख्या 18235 भोपाल-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में ड्यूटी के दौरान टीटीई की सजगता से घर से नाराज होकर भागी एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। विदिशा रेलवे सुरक्षा बल की मदद से बच्ची को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
अकेली देख हुआ संदेह
मिली जानकारी के अनुसार, भोपाल से बीना के मध्य चेकिंग स्टाफ टीटीई विजय श्रीवास स्लीपर कोच एस-2 में टिकट जांच कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर इस 14 वर्षीय बालिका पर पड़ी, जो बेहद सहमी हुई हालत में अकेली बैठी थी। इतनी कम उम्र की बच्ची को अकेले सफर करते देख टीटीई को संदेह हुआ। उन्होंने संवेदनशीलता के साथ बच्ची से बातचीत की, तो उसने बताया कि घर में किसी बात पर विवाद हो गया था, जिससे नाराज होकर वह बिना बताए भाग आई है।
त्वरित निर्णय: विदिशा में सुरक्षित हैंडओवर
मामले की गंभीरता और बच्ची की सुरक्षा को देखते हुए टीटीई विजय श्रीवास ने तत्काल इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल रूम को दी। कंट्रोल से मिले निर्देशों के बाद, जैसे ही ट्रेन विदिशा स्टेशन पहुंची, बच्ची को आवश्यक मेमो के साथ तत्काल विदिशा आरपीएफ के सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद आरपीएफ ने तुरंत परिजनों से संपर्क साधा और बच्ची को सकुशल उनके हवाले किया।







