भोपाल

कैग के अधिकारी के घर से एमडी ड्रग्स और गांजा मिलने के बाद पुलिस ने जांच बढ़ाई  – आरोपी महिला के मोबाइल और संपर्कों से खंगाली जा रही नशे की कड़ी

कैग के अधिकारी के घर से एमडी ड्रग्स और गांजा मिलने के बाद पुलिस ने जांच बढ़ाई 
– आरोपी महिला के मोबाइल और संपर्कों से खंगाली जा रही नशे की कड़ी
भोपाल, यश भारत। राजधानी में नशे के कारोबार का दायरा अब पॉश कॉलोनियों तक पहुंचने के संकेत मिलने से पुलिस की चिंता बढ़ गई है। कटारा हिल्स थाना क्षेत्र की प्राइड सिटी में कैग के एक ऑडिट अधिकारी के घर से एमडी ड्रग्स और गांजा बरामद होने के मामले में पुलिस अब इनके स्रोत और संभावित सप्लाई नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। मामले में अधिकारी की पत्नी सोनम बिसेन को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक सूचना के आधार पर टीम ने प्राइड सिटी स्थित मकान की तलाशी ली थी। घर की रसोई से करीब 3.7 ग्राम एमडी ड्रग्स और 1.2 किलो गांजा बरामद किया गया। जब्त नशीले पदार्थों के आधार पर महिला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
मोबाइल से खुलेगी कड़ी
पुलिस यह पता लगा रही है कि नशीले पदार्थ कहां से आए, किन लोगों से संपर्क था और क्या इन्हें आगे किसी को सप्लाई किया जाना था। जांच का अगला फोकस आरोपी के मोबाइल फोन और संपर्कों पर है। पुलिस संभावित सप्लायर और खरीदारों की भूमिका भी जांच रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने जांच से जुड़े अन्य नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।
राजधानी में पहले भी सामने आए नेटवर्क
प्राइड सिटी की कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब भोपाल में पिछले कुछ महीनों के दौरान नशीले पदार्थों की तस्करी के कई मामले सामने आ चुके हैं। अप्रैल में गोविंदपुरा क्षेत्र में 2.14 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। मई में हनुमानगंज क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के पास 37 ग्राम ड्रग्स बरामद की गई थी।
जुलाई में भोपाल से जुड़े स्मैक नेटवर्क की जांच राजस्थान तक पहुंची थी और पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
अब पॉश इलाकों पर भी नजर
प्राइड सिटी की घटना ने पुलिस के सामने नशे के कारोबार के नए ठिकानों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि कहीं पॉश कॉलोनियों के मकानों का इस्तेमाल नशीले पदार्थ रखने या सप्लाई के लिए तो नहीं किया जा रहा। फिलहाल पुलिस की जांच बरामद रूष्ठ और गांजे के स्रोत तथा आरोपी के संपर्कों पर केंद्रित है। जांच आगे बढऩे के साथ यह स्पष्ट होगा कि यह मामला किसी स्थानीय सप्लायर तक सीमित है या इसके पीछे बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।

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