आधी रात को उफनते नाले में फंसी 60 वर्षीय बुजुर्ग की जान, फरिश्ता बनकर उतरे हनुमानगंज थाने के जवान, सिर पर लगी थी चोट

आधी रात को उफनते नाले में फंसी 60 वर्षीय बुजुर्ग की जान, फरिश्ता बनकर उतरे हनुमानगंज थाने के जवान, सिर पर लगी थी चोट
बहाव के साथ संकीर्ण पुल की ओर बढ़ रहे बुजुर्ग का पुलिस ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
भोपाल, यशभारत। राजधानी के हनुमानगंज थाना क्षेत्र में मध्यप्रदेश पुलिस की तत्परता, मानवता और अदम्य साहस का एक अनूठा उदाहरण सामने आया है। रविवार आधी रात को मूसलाधार बारिश के बीच दो जांबाज आरक्षकों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए दलदल से भरे उफनते नाले में उतरकर एक 60 वर्षीय बुजुर्ग को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
गश्त के दौरान सुनी बचाओ-बचाओ की आवाज
मिली जानकारी के अनुसार, 28 जून की रात लगभग 12 बजे हनुमानगंज थाने की चार्ली-2/1 पर तैनात आरक्षक मोहित शिवहरे एवं आरक्षक राजेन्द्र रघुवंशी छोला रोड क्षेत्र में अपनी निर्धारित बीट पर गश्त कर रहे थे। तेज बारिश के कारण क्षेत्र के नाले-नालियां उफान पर थीं। इसी दौरान पुट्ठा मिल, अग्रवाल तिराहा के पास स्थित एक बड़े नाले से उन्हें किसी के चीखने की आवाज सुनाई दी।
पुलिसकर्मी जब तुरंत मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि सिर पर चोट लगने के कारण एक अज्ञात बुजुर्ग उम्र करीब 60 वर्ष नाले में गिर चुका था। नाले में जमा पीली मिट्टी के कारण बुजुर्ग दलदल में धंसता जा रहा था और पानी का तेज बहाव उसे आगे बने एक संकीर्ण पुल की ओर खींच रहा था।
दलदल में आधे धंस गए आरक्षक मोहित
स्थिति की गंभीरता और बुजुर्ग की जान पर मंडराते खतरे को देखते हुए आरक्षक मोहित शिवहरे ने बिना एक पल गंवाए उफनते नाले में छलांग लगा दी। नाले का दलदल इतना गहरा था कि आरक्षक मोहित खुद भी कमर तक उसमें धंस गए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और बहते हुए बुजुर्ग को कसकर थाम लिया।
इसी बीच साथी आरक्षक राजेन्द्र रघुवंशी ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। सूचना मिलते ही रात्रि अधिकारी उप निरीक्षक रामसजीवन और एफआरवी स्टाफ के प्रधान आरक्षक भी मौके पर पहुंचे। सभी पुलिसकर्मियों ने संयुक्त रूप से भारी मशक्कत के बाद बुजुर्ग को दलदल और तेज बहाव से खींचकर सुरक्षित बाहर निकाला।
मौके पर ही दिया सीपीआर , अस्पताल में हालत खतरे से बाहर
नाले से बाहर निकाले जाने के बाद बुजुर्ग की हालत बेहद नाजुक थी, वे अचेत हो चुके थे और उनके फेफड़ों में पानी भर गया था। आरक्षक मोहित शिवहरे ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल मौके पर ही बुजुर्ग को सीपीआर दिया और प्राथमिक जीवनरक्षक प्रयास करते हुए उनके मुंह और पेट से पानी बाहर निकाला। इससे बुजुर्ग की सांसें दोबारा सामान्य हो सकीं।
इसके बाद पुलिस टीम ने बिना एम्बुलेंस का इंतजार किए, तुरंत एक ऑटो की मदद से बुजुर्ग को हमीदिया अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने त्वरित इलाज शुरू किया और पीएमएलसी की कार्रवाई के बाद बताया कि बुजुर्ग की स्थिति अब खतरे से पूरी तरह बाहर है।







