पेंशनर्स की पीएम मोदी को चिटठी, पेंशनर्स ने लिखा रिटायर हुए तो कोई गुनाह हो गया

जबलपुर, यशभारत। ऑल इंडिया स्टेट गर्वमेन्ट पेंशनर फेडरेशन के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिटठी लिखकर अपनी पीड़ा जाहिर की है। चिटठी में पेंशनर्स ने लिखा है कि रिटायर होना तो कोई गुनाह नहीं है, जो वादे नौकरी के समय किए गए थे वो आज तक पूरें नहीं हुए, आखिर उन्होंने सरकार की सेवा की फिर ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है।
ऑल इंडिया स्टेट गर्वमेन्ट पेंशनर फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजकुमार दुबे ने बताया कि मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ पुनर्गठन 2000 में किया गया था जिसमें भारत वर्ष के उत्तर प्रदेश से उत्तराचल राज्य बना एवं बिहार राज्य से झारखण्ड राज्य बना जो अपना अपना कार्य पेंशनरों के हितों में कर रहे हैं। यह कि मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 की छठवीं सूची में ऐसा कोई भी प्रावधान नहीं है की पेंशनरों को मंहगाई भत्ता देने के लिये मध्यप्रदेश राज्य छत्तीसगढ़ राज्य से सहमति लेना अनिवार्य रूप से नहीं है किन्तु दोनों राज्य 25 वर्षों से मंहगाई भत्ता की राशि केन्द्र के समान जब जब आदेश होते है उन तिथियों में दोनों 6 माह व्यतीत होने के बाद मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को मंहगाई राहत भत्ता दिया जाता है जिसका आर्थिक नुकत्तान मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को 25 वर्षों से झेलना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में आप से निवेदन है कि मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के राज्यों को निर्देश जारी करें कि धारा 49 की छठवीं सूची को निरस्त किया जाये । . पेंशनरों को रेल किराया में छूट प्रदान की जावे जैसे की स्लिपर. ए.सी. एवं हवाई जहाजों में यात्रा करने वाले पेंशनरों को ।. पेंशनरों को 65 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर आयुष्यमान योजना का लाभ दिया जावें । . आठवां पे कमीशन जनवरी 2025 के पूर्व पेंशनरों का लाम मध्यप्रदेश सरकार के पेंशनरों को दिया जावे । . पेंशन की राशि को इन्कम टैक्स की परिधी से म.प्र. के पेंशनरों को बाहर किया जायें । . वर्तमान में म.प्र. के पेंशनरों को आयुष्यमान योजना का लाभ नहीं मिल रहा है केवल अस्पताल में भर्ती होने पर 90000ध्- हजार रू. का ईलाज की सुविधा है इसमें संशोधन करते हुए रु. 5 लाख रू. का इलाज करने की सुविधा प्रदान की जायें।







