
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने अपने चार सैनिकों की मौत के बाद अफगानिस्तान सीमा पर बड़ा सैन्य अभियान चलाया है। पाकिस्तानी सेना ने देर रात पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा और अफगानिस्तान के अंदर कई ठिकानों पर ग्राउंड ऑपरेशन किया। पाकिस्तान के अनुसार इस कार्रवाई में 34 विद्रोही मारे गए, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई हाल में पाकिस्तान रेंजर्स के ठिकानों और सुरक्षा बलों पर हुए आतंकी हमलों के जवाब में की गई। उनके मुताबिक, खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और कराची में हुए हमलों के जिम्मेदार आतंकियों को निशाना बनाया गया।
Table of Contents
Toggleआतंकी ठिकाने, हथियार और गोला-बारूद नष्ट करने का दावा
पाकिस्तानी सेना का दावा है कि ऑपरेशन के दौरान आतंकियों के कई ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया और बड़ी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद भी नष्ट किया गया। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान में मौजूद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों से उसके खिलाफ आतंकी गतिविधियां संचालित की जाती हैं।
पाकिस्तान का यह भी कहना है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार TTP को शरण और समर्थन देती है। हालांकि, तालिबान सरकार पहले भी ऐसे आरोपों से इनकार करती रही है।
सीमावर्ती इलाकों में कई स्थानों पर कार्रवाई
खुफिया जानकारी के आधार पर पाकिस्तानी सेना ने सबसे पहले सीमा से लगे बाजौर जिले में अभियान शुरू किया। इसके बाद अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांत में कथित आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की गई। सेना के अनुसार, इन हमलों में कुल 34 विद्रोही मारे गए।
कराची हमले के बाद लिया गया एक्शन
27 जून की रात कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित सिंध रेंजर्स मुख्यालय पर आत्मघाती आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में चार पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई थी। हमले की जिम्मेदारी TTP से जुड़े संगठन जमात-उल-अहरार (JuA) ने ली थी।
आतंकियों ने विस्फोटकों से भरे वाहन से मुख्यालय के गेट को निशाना बनाया और परिसर में घुसकर गोलीबारी व ग्रेनेड हमला किया। जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने सभी छह हमलावरों को मार गिराने का दावा किया। करीब 90 मिनट तक चली मुठभेड़ के बाद स्थिति पर काबू पाया गया। सिंध के पुलिस महानिरीक्षक जावेद आलम ओधो ने भी हमले की पुष्टि की थी।







