ट्रांसपोर्ट नगर में रात का ‘खौफ का कारोबार’, शराबखोरी और चोरी से व्यापारी बेहाल

जबलपुर, यशभारत। गोहलपुर थाना क्षेत्र के चंडालभाटा स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में रात होते ही कारोबारियों की परेशानी बढ़ जाती है। व्यापारियों का आरोप है कि अंधेरा होते ही क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है। खुलेआम शराबखोरी, डराने-धमकाने और चोरी की घटनाओं के कारण ट्रांसपोर्ट कारोबारियों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि व्यावसायिक गतिविधियों के बड़े केंद्र में जब लगातार ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं, तो पुलिस की रात्रि गश्त आखिर कहां है?
ट्रकों से बैटरी-डीजल चोरी, निगरानी व्यवस्था पर सवाल
व्यापारियों के अनुसार ट्रांसपोर्ट नगर में खड़े ट्रकों को चोर लगातार निशाना बना रहे हैं। ट्रकों से बैटरी, डीजल और अन्य सामान चोरी होना अब आम शिकायत बन चुकी है। रात के समय सुनसान इलाकों का फायदा उठाकर चोर वारदात कर रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि चोरी के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और ट्रकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है।
शिकायतों के बाद भी नहीं बदले हालात
व्यापारियों का आरोप है कि पुलिस को कई बार क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उनका कहना है कि रात के समय प्रभावी पुलिस गश्त दिखाई नहीं देती। गोहलपुर थाना प्रभारी को सूचना देने के बावजूद मौके पर समय पर नहीं पहुंचने का भी व्यापारियों ने आरोप लगाया है। ऐसे में पुलिस की निगरानी और कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शराबखोरी और असामाजिक तत्वों से बढ़ी परेशानी
कारोबारियों के मुताबिक रात में ट्रांसपोर्ट नगर में शराबखोरी करने वालों का जमावड़ा लग जाता है। कई बार असामाजिक तत्व व्यापारियों और कर्मचारियों से विवाद करते हैं तथा डराने-धमकाने की स्थिति बनती है। व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं की गई तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
व्यापारियों ने मांगी रात में सख्त निगरानी
ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने पुलिस अधिकारियों से क्षेत्र में नियमित रात्रि गश्त शुरू करने, संदिग्ध लोगों की निगरानी बढ़ाने, शराबखोरी पर कार्रवाई करने और चोरी की घटनाओं पर तत्काल अंकुश लगाने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट नगर में बड़ी संख्या में वाहन और माल खड़े रहते हैं, इसलिए यहां सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। लगातार शिकायतों के बावजूद यदि हालात ऐसे ही रहे तो कारोबारियों का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा और कमजोर हो सकता है।







