एमपी में कुदरत की दोहरी मार: 3 दिन से आंधी-बारिश और ओलों का तांडव, 14 जिलों में फसलें तबाह

एमपी में कुदरत की दोहरी मार: 3 दिन से आंधी-बारिश और ओलों का तांडव, 14 जिलों में फसलें तबाह
भोपाल-इंदौर समेत 42 जिलों में बदला मौसम; आज रीवा-सीधी समेत पूर्वी हिस्से में बारिश का अलर्ट
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश में पिछले तीन दिनों से बेमौसम बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि का दौर जारी है। प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन समेत 42 से ज्यादा जिले इस वेदर सिस्टम की चपेट में हैं। शनिवार, 21 मार्च को भी प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा, जिसके लिए मौसम विभाग ने रीवा, सीधी और सिंगरौली समेत 14 जिलों में अलर्ट जारी किया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि 22 मार्च से मौसम के फिर से सामान्य होने की संभावना जताई गई है।
धार और बैतूल में सबसे ज्यादा बारिश, पचमढ़ी सबसे ठंडा
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 112 शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा बारिश धार के बदनावर और बैतूल के घोड़ा डोंगरी में हुई, जहां करीब पौन इंच पानी गिरा। बड़वानी, भोपाल और दमोह में भी आधा इंच से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। ठंडी हवाओं के चलते न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री तक की गिरावट आई है। हिल स्टेशन पचमढ़ी 12.6°C के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा।
आम और पपीते की फसल को भारी नुकसान
प्रदेश के 14 जिलों में हुई ओलावृष्टि ने अन्नदाता की चिंता बढ़ा दी है। शिवपुरी, बैतूल, विदिशा, छिंदवाड़ा और जबलपुर सहित कई जिलों में ओले गिरने से खेतों में खड़ी और कटी रखी फसलों को नुकसान पहुंचा है।
बागवानी पर असर: ओलों के कारण पपीते और संतरे के पेड़ जमीन पर गिर गए हैं।
आम को झटका: आम के पेड़ों पर आया ‘बोर’ (मंजर) ओलों की मार से झड़ गया है, जिससे इस बार उत्पादन पर बुरा असर पड़ने की आशंका है।
आज यहाँ रहेगी आंधी-बारिश की संभावना
शनिवार को ग्वालियर, जबलपुर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, डिंडौरी, बालाघाट, मंडला और कटनी में आंधी के साथ बारिश का अलर्ट है। प्रशासन ने किसानों को अपनी उपज सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है।







