
मेरठ, यश भारत । मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने बुधवार को आरोपी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को दोषी करार दिया। अदालत ने माना कि दोनों ने साजिश के तहत सौरभ की हत्या की और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को छिपाया। दोनों की सजा पर फैसला 15 दिन बाद सुनाया जाएगा।
मामला 17 मार्च 2025 को सामने आया था, जब सौरभ का शव उसके घर में रखे नीले ड्रम से बरामद हुआ था। अभियोजन के अनुसार 3 मार्च को सौरभ की हत्या की गई थी। इसके बाद शव को ड्रम में छिपाया गया। पुलिस ने मामले में मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई जुलाई 2025 में शुरू हुई और करीब 13 महीने चली। इस दौरान 126 तारीखें पड़ीं तथा 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस और फोरेंसिक टीम के अलावा ड्रम, चाकू, सीमेंट और अन्य सामान बेचने वाले दुकानदारों की भी गवाही हुई।
अभियोजन ने आरोप लगाया कि हत्या से पहले चाकू, उस्तरा, सीमेंट, बालू और ड्रम खरीदे गए थे। जांच के दौरान कमरे से मिले साक्ष्यों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को भी अदालत के समक्ष रखा गया।सौरभ के भाई बबलू राजपूत और मां रेणू राजपूत ने भी अदालत में गवाही देते हुए हत्या का आरोप मुस्कान और साहिल पर लगाया। सौरभ के एक दोस्त ने भी साहिल को घटना वाली रात सौरभ के घर की ओर जाते देखने की बात कही थी। अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों को दोषी करार दिया।







