पासपोर्ट सत्यापन में एमपी पुलिस का दबदबा: उमरिया और डिंडोरी जिले अव्वल, 5 थानों को मिला सम्मान

पासपोर्ट सत्यापन में एमपी पुलिस का दबदबा: उमरिया और डिंडोरी जिले अव्वल, 5 थानों को मिला सम्मान
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश में पासपोर्ट पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और तीव्र बनाने के उद्देश्य से शनिवार को क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय भोपाल में एक दिवसीय राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश के सभी 55 जिलों के 100 से अधिक पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
एम-पुलिस ऐप और एसओपी पर जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडीजी (इंटेलिजेंस) ए. साई मनोहर ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पासपोर्ट सेवा को नागरिक केंद्रित बनाने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा तैयार ‘मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) का कड़ाई से पालन अनिवार्य है। उन्होंने समयबद्ध निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि इससे आवेदकों को अनावश्यक देरी से मुक्ति मिलेगी। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी शितांशु चौरसिया ने ‘एम-पुलिस ऐप’ के प्रभावी उपयोग को सफलता की कुंजी बताया।
2025 में बना रिकॉर्ड, मिले दो राष्ट्रीय पुरस्कार
समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्ष 2025 मध्य प्रदेश के लिए उपलब्धियों भरा रहा। पुलिस और पासपोर्ट कार्यालय के संयुक्त प्रयासों से 3.16 लाख आवेदनों का निपटारा किया गया। बेहतर प्रदर्शन के लिए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा मध्य प्रदेश पुलिस को दो पुरस्कारों से भी नवाजा गया है।
इन जिलों और थानों ने मारी बाजी
सत्यापन रिपोर्ट को 15 दिनों के भीतर भेजने में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों और थानों को सम्मानित किया गया
जिले: उमरिया (प्रथम) और डिंडोरी (द्वितीय) ने 100% समयबद्धता के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया। सतना, शिवपुरी और टीकमगढ़ को 99% से अधिक प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
अव्वल थाने: भोपाल का कोहेफिज़ा (3000+ आवेदन), रतलाम का माणिक चौक, सतना की सिटी कोतवाली, शिवपुरी की कोतवाली और धार का राजोद थाना अपनी-अपनी श्रेणियों में विजेता रहे।







