प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक की संदिग्ध मौत से गांव में मातम, परिजनों ने उठाए सवाल; सीबीआई जांच की मांग
जबलपुर, यश भारत। संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी (पटेल), जिन्हें वृंदावन में ‘रसिक दुलारी शरण’ के नाम से जाना जाता था, की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की खबर से जबलपुर के परसवाड़ा (जमतरा) गांव में मातम छा गया है। दीपक की मौत की सूचना जैसे ही उनके परिजनों और ग्रामीणों को मिली, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पुत्र की मौत की खबर सुनकर उनके पिता चैतराम लोधी को सीने में दर्द की शिकायत हुई, हालांकि उनकी हालत फिलहाल ठीक बताई जा रही है। अचानक हुई इस घटना से परिवार के साथ ग्रामीण भी स्तब्ध हैं।
बचपन से धर्म और अध्यात्म की ओर था रुझान
परिजनों के अनुसार दीपक बचपन से ही धार्मिक प्रवृत्ति के थे। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने स्नातक की डिग्री हासिल की। शांत स्वभाव के दीपक नियमित रूप से दिन में दो बार नर्मदा दर्शन के लिए जाते थे। करीब तीन वर्ष पहले नर्मदा परिक्रमा के दौरान उनकी मुलाकात प्रसिद्ध संत भैया जी सरकार से हुई। इसके बाद उनका अध्यात्म की ओर झुकाव और गहरा होता चला गया। अध्यात्म की इसी राह पर आगे बढ़ते हुए दीपक संत प्रेमानंद महाराज के विचारों से प्रभावित हुए। परिजनों के मुताबिक करीब दो वर्ष पहले राधाष्टमी के अवसर पर उन्होंने सांसारिक जीवन छोड़कर वृंदावन का रुख किया। वहां आश्रम में रहकर वे साधना और सेवा में जुट गए। इसी दौरान उन्हें ‘रसिक दुलारी शरण’ नाम मिला।
परिजनों ने मौत को लेकर उठाए गंभीर सवाल
दीपक की मौत के बाद उनके नाना प्रेमलाल और मामा रघुनाथ पटेल ने घटना को लेकर कई सवाल उठाए हैं। नाना प्रेमलाल का कहना है कि दीपक किसी तरह का नशा या व्यसन नहीं करता था और उसकी धार्मिक प्रवृत्ति को देखते हुए उन्हें यह मानना मुश्किल है कि वह स्वयं कोई ऐसा कदम उठा सकता था। परिजनों का कहना है कि दीपक की मौत की परिस्थितियां कई सवाल खड़े करती हैं। परिवार को आशंका है कि घटना के पीछे कोई अन्य वजह हो सकती है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मामा ने की सीबीआई जांच की मांग
मामा रघुनाथ पटेल ने दीपक की मौत की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि आश्रम के भीतर हुई इस घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच होनी चाहिए, ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके। परिजनों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल परिवार दीपक की मौत के कारणों को लेकर स्पष्ट जानकारी और जांच के निष्कर्ष का इंतजार कर रहा है।







