मनेरी डकैती का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, इंजीनियरिंग छात्र निकला साजिशकर्ता
दो अन्य आरोपी अभी फरार

मंडला,यशभारत। बीजाडांडी थाना क्षेत्र के मनेरी स्थित अतुलित फिलिंग सेंटर में हुई डकैती के मामले में मंडला पुलिस ने पांचवें आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने डकैती की साजिश में अहम भूमिका निभाने वाले आयुष विश्वकर्मा निवासी गढ़ा पुरवा को बरेला क्षेत्र स्थित शारदा मंदिर के पास से अभिरक्षा में लिया। पुलिस के अनुसार आयुष जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में सिविल संकाय का तृतीय वर्ष का नियमित छात्र है और उसी ने वारदात को अंजाम देने के लिए आठ युवकों का गिरोह तैयार किया था। उसके कब्जे से पुलिस ने 10 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक 9 अगस्त की रात करीब 2:37 बजे सात नकाबपोश बदमाश अतुलित फिलिंग सेंटर पहुंचे थे। हथियारों के बल पर कर्मचारियों को धमकाकर आरोपियों ने 93 हजार 875 रुपये की नकदी लूट ली और मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही बीजाडांडी पुलिस ने अपराध क्रमांक 195/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 310(2) में प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।
पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी के निर्देशन में गठित टीम ने जांच के दौरान पहले अमित झारिया, पवन झारिया, सौरभ शर्मा और शिवम श्रीपाल को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही से 50 हजार 500 रुपये नकद तथा वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो क्रमांक MP-20-ZX-1968 बरामद की गई थी। पूछताछ और तकनीकी एवं मैदानी सुरागों के आधार पर पुलिस को डकैती की पूरी साजिश में आयुष की भूमिका सामने आई।
इसके बाद पुलिस ने बरेला क्षेत्र में संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ाई और शारदा मंदिर के पास दबिश देकर आयुष विश्वकर्मा को पकड़ लिया। प्रारंभिक पूछताछ में उसके द्वारा युवकों को एकत्र कर डकैती की योजना तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब उससे लूटी गई शेष रकम, वारदात में इस्तेमाल हथियारों और फरार दो अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
इस मामले में अब तक पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त में पहुंच चुके हैं, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका: कार्रवाई में एसडीओपी निवास पी.एस. वालरे के मार्गदर्शन में बीजाडांडी थाना प्रभारी निरीक्षक अनीता कुड़ापे, चौकी प्रभारी मनेरी निरीक्षक शशांक शुक्ला, आरक्षक आनंद कोरी एवं आरक्षक मुकेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।







