
नाइजर | अफ्रीकी देश नाइजर की राजधानी नियामी स्थित डियोरी हमानी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गुरुवार को बड़ा आतंकी हमला हुआ। आतंकियों के एक गुट ने एयरपोर्ट पर कब्जा करने की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षा बलों और हमलावरों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस कार्रवाई में नाइजर सेना के 11 जवान और 2 नागरिकों की मौत हो गई, जबकि सुरक्षा बलों ने 22 आतंकियों को मार गिराया और 20 संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। बाद में एयरपोर्ट को आतंकियों के कब्जे से पूरी तरह मुक्त करा लिया गया।
इस हमले की जिम्मेदारी अलकायदा से जुड़े एक आतंकी संगठन ने ली है। नाइजर के रक्षा मंत्रालय ने हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि आतंकियों के पास भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद मौजूद था, जिससे संकेत मिलता है कि वे किसी बड़े मिशन के इरादे से आए थे।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, नियामी एयरपोर्ट देश का एक बेहद महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र है। यहां जी5 साहेल काउंटर-टेररिज्म फोर्स, रूसी सैनिकों की टुकड़ियां और ड्रोन यूनिट तैनात रहती हैं। इसके अलावा एयरपोर्ट परिसर में यूरेनियम का भंडार भी रखा गया है। अधिकारियों को आशंका है कि आतंकियों का मकसद इस रणनीतिक संसाधन पर कब्जा जमाना हो सकता था, लेकिन सुरक्षा बलों ने समय रहते उनकी योजना विफल कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने एयरपोर्ट परिसर में विस्फोट किए और अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की। इसके बाद सेना और पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर सभी मार्गों को बंद कर दिया और आतंकियों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया।
गौरतलब है कि जनवरी 2026 में भी इसी एयरपोर्ट को आतंकियों ने निशाना बनाया था। उस समय इस्लामिक स्टेट से जुड़े समूह ने एयरपोर्ट परिसर में घुसपैठ कर हमला किया था। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया था। एयरपोर्ट के चारों ओर सुरक्षा दीवार बनाई गई, 350 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए और आसपास की अवैध बस्तियों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई थी।
नियामी एयरपोर्ट न केवल नाइजर वायुसेना का प्रमुख अड्डा है, बल्कि नाइजर, बुर्किना फासो और माली की संयुक्त सैन्य गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। यही वजह है कि यह क्षेत्र लंबे समय से आतंकवादी संगठनों के निशाने पर रहा है।







