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अमेरिका में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों को बड़ा झटका, ट्रंप सरकार ने स्टूडेंट वीजा पर लगाई 4 साल की सीमा

अमेरिका में पढ़ने का सपना अब होगा कठिन

वॉशिंगटन। अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने विदेशी छात्रों, एक्सचेंज विजिटर्स और विदेशी पत्रकारों के लिए वीजा नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए प्रस्तावित नियमों के तहत अब एफ (F), जे (J) और आई (I) श्रेणी के वीजा धारकों को अनिश्चित अवधि तक रहने की सुविधा नहीं मिलेगी। इसके स्थान पर अधिकतम चार वर्ष तक ही अमेरिका में रहने की अनुमति दी जाएगी।

अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने लगभग 50 वर्षों से लागू “ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस” व्यवस्था को समाप्त करने का निर्णय लिया है। विभाग का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य इमिग्रेशन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना, वीजा के दुरुपयोग पर रोक लगाना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है।

नए नियमों के अनुसार विदेशी पत्रकारों के लिए अमेरिका में रहने की अवधि 240 दिन निर्धारित की गई है, जबकि चीनी नागरिकों के लिए यह अवधि 90 दिन होगी, जिसे एक बार और बढ़ाया जा सकेगा।

डीएचएस के अनुसार पहले कुछ विदेशी छात्र नए-नए पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेकर वर्षों तक अमेरिका में बने रहते थे। अब यदि किसी छात्र को पढ़ाई पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय चाहिए होगा तो उसे सीधे यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) से अनुमति लेनी होगी। इस प्रक्रिया में बायोमेट्रिक सत्यापन, बैकग्राउंड जांच और अन्य सुरक्षा जांच अनिवार्य होंगी।

इसके अलावा एफ-1 वीजा पर पढ़ाई पूरी करने, संस्थान बदलने या वीजा श्रेणी बदलने के बाद अमेरिका छोड़ने के लिए मिलने वाली अवधि 60 दिन से घटाकर 30 दिन कर दी गई है। अब वीजा विस्तार और प्रवास संबंधी अंतिम निर्णय शैक्षणिक संस्थानों के बजाय अमेरिकी सरकार के हाथ में होगा।

यह नियम फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित होने के 60 दिन बाद प्रभावी होगा और पहले से अमेरिका में रह रहे विदेशी छात्र भी इसके दायरे में आएंगे।

भारतीय छात्रों पर सबसे अधिक असर

अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विदेशी छात्रों में भारतीयों की संख्या सबसे अधिक है। ऐसे में नए नियमों का सबसे बड़ा प्रभाव भारतीय विद्यार्थियों पर पड़ने की संभावना है। अब पढ़ाई की अवधि बढ़ाने या वीजा विस्तार के लिए छात्रों को पहले की तुलना में अधिक सरकारी जांच और मंजूरी की प्रक्रिया से गुजरना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका जाने वाले छात्रों की योजना और वीजा प्रक्रिया दोनों अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं।

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