भोपालमध्य प्रदेश

भोपाल में संदिग्ध मांस मिलने से तनाव, पुलिस की सूझबूझ से संभला माहौल

भोपाल में संदिग्ध मांस मिलने से तनाव, पुलिस की सूझबूझ से संभला माहौल

बजरंग दल और विहिप कार्यकर्ताओं ने घेराबंदी कर पकड़ा ऑटो, चालक फरार; पुलिस ने सैंपल जांच के लिए भेजे, जांच जारी

भोपाल, यश भारत। निशातपुरा थाना क्षेत्र के कमल नगर इलाके में शुक्रवार तड़के संदिग्ध मांस से भरा एक ऑटो पकड़े जाने के बाद अचानक तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। हालांकि, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची निशातपुरा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को तुरंत संभाल लिया और मामले को शांत कराया। पुलिस ने वाहन समेत संदिग्ध मांस को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।

तड़के 3 बजे की घेराबंदी, सूने ऑटो से मिला संदिग्ध मांस

सूत्रों के मुताबिक, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं को तड़के क्षेत्र में कुछ संदिग्ध परिवहन की सूचना मिली थी। इस पर कार्यकर्ताओं ने सुबह करीब 3 बजे कमल नगर में घेराबंदी की। कार्यकर्ताओं की सक्रियता देख ऑटो चालक अंधेरे का फायदा उठाकर वाहन को बीच रास्ते में ही छोड़कर भाग निकला।

जब कार्यकर्ताओं ने लावारिस ऑटो की जांच की, तो उसकी पिछली सीट पर पीले रंग की तिरपाल में भारी मात्रा में संदिग्ध मांस बंधा हुआ मिला। कार्यकर्ताओं ने आशंका जताई कि यह गोवंश का मांस हो सकता है, जिसके बाद मौके पर भीड़ जुटने लगी और नारेबाजी के कारण माहौल गरमाने लगा।

पुलिस ने संभाला मोर्चा, अफवाहों पर न ध्यान देने की अपील

माहौल बिगड़ने की भनक लगते ही निशातपुरा थाने से पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को शांत कराया और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ऑटो और संदिग्ध मांस को तुरंत अपने कब्जे में ले लिया।

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मांस के सैंपल कलेक्ट कर फोरेंसिक लैब जांच के लिए भेज दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही वैज्ञानिक रूप से यह साफ हो पाएगा कि मांस किस पशु का है। तब तक पुलिस ने आम जनता से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

नंबर प्लेट के आधार पर तलाश, दावे की पुष्टि बाकी

पुलिस अब ऑटो के रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिए फरार ड्राइवर और वाहन मालिक का सुराग लगाने में जुटी है। इसी जांच के दौरान पुलिस टीम एक संदेही के घर भी पहुंची, जहां परिसर में दो गोवंश बंधे हुए मिले।

कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इन्हें अवैध रूप से काटने की तैयारी की जा रही थी। हालांकि, पुलिस ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला पूरी तरह जांच के दायरे में है और किसी भी स्तर पर कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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