भोपाल

चेन्नई में इंडिया टूरिज्म समिट 2026 में ‘द बीटिंग हार्ट ऑफ इंडिया’ के रूप में उभरी मध्यप्रदेश की पहचान

चेन्नई में इंडिया टूरिज्म समिट 2026 में ‘द बीटिंग हार्ट ऑफ इंडिया’ के रूप में उभरी मध्यप्रदेश की पहचान

  • सचिव पर्यटन डॉ. इलैयाराजा टी. ने साझा किया मध्यप्रदेश के पर्यटन विकास का विजन
  • पर्यटन की पारंपरिक परिभाषा से आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश
1789476008 WhatsApp Image 2026 09 15 at 18.05.44

भोपाल, यश भारत । चेन्नई में इंडिया टूरिज्म समिट 2026 में मध्यप्रदेश पर्यटन ने अपनी समृद्ध प्राकृतिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक विरासत के साथ पर्यटन के नए क्षेत्रों और निवेश की संभावनाओं को देश-विदेश के पर्यटन उद्योग के प्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत किया। समिट के विशेष सत्र में सचिव पर्यटन एवं प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैयाराजा टी. ने. “The Beating Heart of India – Discovering a New World” विषय पर प्रदेश के पर्यटन विकास की दिशा और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रेजेंटेशन के माध्यम से विचार साझा किए। समिट में मध्यप्रदेश पर्यटन की कॉर्पोरेट फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। गोल्ड पार्टनरशिप के तहत कार्यक्रम में शामिल अतिथियों के लिए मध्यप्रदेश के पारंपरिक एवं स्थानीय व्यंजनों की विशेष व्यवस्था की गई, जिससे प्रतिभागियों को प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के साथ उसके प्रामाणिक स्थानीय स्वाद का अनुभव भी मिला।

पर्यटन की पारंपरिक परिभाषा से आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश : डॉ. इलैयाराजा टी

डॉ. इलैयाराजा ने कहा कि मध्यप्रदेश अब पर्यटन की पारंपरिक परिभाषा से आगे बढ़कर एक व्यापक टूरिज्म इकोसिस्टम विकसित कर रहा है, जहां विरासत के साथ आतिथ्य, प्रकृति के साथ रोमांच, आध्यात्मिकता के साथ संस्कृति और व्यवसाय के साथ अनुभवात्मक यात्रा को जोड़ा जा रहा है। प्रदेश में वाइल्डलाइफ, ईको, ग्रामीण, हेरिटेज, सांस्कृतिक एवं जनजातीय, वेलनेस, एडवेंचर, मेडिकल, गोल्फ और अनुभव आधारित पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश का उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि नए गंतव्यों का विकास, पर्यटक अनुभवों को बेहतर बनाना, स्थानीय आर्थिक अवसरों का सृजन और सतत एवं समावेशी पर्यटन व्यवस्था तैयार करना है। मध्यप्रदेश अब केवल एक पर्यटन गंतव्य नहीं, बल्कि यात्रियों, कॉरपोरेट लीडर्स, इवेंट प्लानर्स और निवेशकों के लिए नए अवसरों वाला राज्य है। ‘द बीटिंग हार्ट ऑफ इंडिया’ के रूप में मध्यप्रदेश देश की विविधता को अनुभव, निवेश और अवसरों से जोड़ते हुए, दुनिया की मेजबानी के लिए तैयार है।

एडवेंचर और एक्सपीरिएंशियल टूरिज्म के नए आयाम
मध्यप्रदेश को ऐसे गंतव्य के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां पर्यटक केवल स्थलों को देखें नहीं, बल्कि उन्हें अनुभव भी करें। फॉर्सिथ ट्रेक, पेंच मोगली ट्रेक, तवा-मढ़ई साइकिलिंग, पचमढ़ी मानसून मैराथन, ओरछा में बेतवा रिवर राफ्टिंग और पेंच मोनोलिथ्स ट्रेल जैसे अनुभव प्रदेश के पर्यटन उत्पादों में विविधता जोड़ रहे हैं। उज्जैन को स्काईडाइविंग हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। वर्ष 2022 से अब तक 1,200 से अधिक प्रतिभागी 10,000 फीट की ऊंचाई से स्काईडाइविंग का अनुभव ले चुके हैं।

आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन की समृद्ध विरासत
मध्यप्रदेश देश के प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन केंद्रों में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रदेश में महाकालेश्वर, उज्जैन और ओंकारेश्वर जैसे दो ज्योतिर्लिंगों के साथ चित्रकूट, मैहर, दतिया, सलकनपुर और अन्य प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल हैं। नर्मदा परिक्रमा प्रदेश की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को अनुभव करने का अनूठा अवसर प्रदान करती है। वहीं खजुराहो इंटरनेशन डांस फेस्टिवल, तानसेन समारोह, लोकरंग और भगोरिया जैसे आयोजन प्रदेश की जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं को पर्यटन से जोड़ रहे हैं।

वन्यजीव और फिल्म पर्यटन बना रहे नई पहचान
मध्यप्रदेश के कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा और कूनो जैसे वन्यजीव गंतव्य राज्य के अनुभवात्मक पर्यटन की प्रमुख ताकत हैं। प्रदेश में 9 टाइगर रिजर्व, 12 राष्ट्रीय उद्यान और 24 वन्यजीव अभयारण्य हैं। इन प्राकृतिक संसाधनों को जिम्मेदार एवं सतत पर्यटन के साथ उच्च गुणवत्ता वाले अनुभवों में बदलने पर जोर दिया जा रहा है। फिल्म पर्यटन भी मध्यप्रदेश में तेजी से उभरते क्षेत्रों में शामिल है। प्रदेश में अब तक 502 फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है, जिससे लगभग ₹1,200 करोड़ का निवेश और करीब 1.5 लाख रोजगार अवसर जुड़े हैं। ‘पंचायत’, ‘स्त्री’ और ‘लापता लेडीज’ जैसी फिल्मों ने मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थलों को नई पहचान दिलाई है। फिल्म पर्यटन नीति के तहत ऑनलाइन अनुमति और सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं के माध्यम से फिल्म निर्माण को सुगम बनाया जा रहा है।

मध्यप्रदेश केवल प्राकृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों तक सीमित न रहकर आधुनिक, सतत और वैश्विक स्तर के पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित हो रहा है। बुनियादी ढांचे के विकास, निवेशक-अनुकूल नीतियों, समृद्ध जैव विविधता और अनूठे अनुभवों के समन्वय से राज्य देश-विदेश के पर्यटकों और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। अपनी समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा को आधुनिक पर्यटन के साथ जोड़ते हुए, ‘द बीटिंग हार्ट ऑफ इंडिया’ मध्यप्रदेश वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक नए और सशक्त युग का नेतृत्व करने की ओर अग्रसर है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button