
जबलपुर,यशभारत। हिंदू पंचांग के अनुसार 15 मार्च 2026 से खरमास की शुरुआत होने जा रही है। ज्योतिष मान्यता के मुताबिक जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करते हैं तो इस अवधि को खरमास कहा जाता है। यह समय मांगलिक और शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। ज्योतिषियों के अनुसार सूर्य 15 मार्च 2026 को सुबह 1:08 बजे मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे खरमास प्रारंभ होगा। यह अवधि लगभग एक महीने तक रहेगी और 14 अप्रैल 2026 को सुबह 9:38 बजे सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करते ही समाप्त हो जाएगी।
इन कार्यों से करें परहेज
खरमास के दौरान धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कई शुभ कार्यों को टालना बेहतर माना जाता है, जिनमें—
• नए व्यवसाय या बड़े कार्य की शुरुआत
• गृह प्रवेश
• विवाह और सगाई
• मुंडन, जनेऊ, नामकरण जैसे संस्कार
• संपत्ति या वाहन की बड़ी खरीदारी
क्यों वर्जित माने जाते हैं शुभ कार्य
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार खरमास के दौरान सूर्य की स्थिति कमजोर मानी जाती है। जब सूर्य बृहस्पति की राशियों—धनु और मीन—में रहते हैं, तो उनकी ऊर्जा मंद पड़ जाती है। इसी कारण इस अवधि में किए गए मांगलिक कार्यों को शुभ फलदायी नहीं माना जाता और लोग इन्हें टालना उचित समझते हैं।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार इस समय पूजा-पाठ, दान और आध्यात्मिक साधना को विशेष महत्व दिया जाता है।







