भोपाल में शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का विशाल प्रदर्शन, पदवृद्धि को लेकर सरकार पर दबाव

भोपाल में शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का विशाल प्रदर्शन, पदवृद्धि को लेकर सरकार पर दबाव
भोपाल यश भारत। मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती 2025 के तहत माध्यमिक वर्ग-2 और प्राथमिक वर्ग-3 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी आज राजधानी भोपाल में बड़ा आंदोलन करेंगे। पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर पॉलिटेक्निक चौराहे पर धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया है जिसमें प्रदेशभर से हजारों अभ्यर्थियों शामिल होने पहुंचे है। अभ्यर्थियों का कहना है कि घोषित पदों की संख्या बेहद कम होने के कारण बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवार चयन से बाहर हो गए हैं। इसी के विरोध में वे पिछले कई महीनों से लगातार आंदोलन रत हैं। नवंबर 2025 से लेकर अप्रैल 2026 तक विभिन्न चरणों में अभ्यर्थियों ने भोपाल में धरना प्रदर्शन, ज्ञापन और रैलियां आयोजित कर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर अनोखे तरीके से विरोध भी दर्ज कराया। अभ्यर्थियों ने भूख हड़ताल की, मुण्डन कराया और मार्कशीट का दहन कर अपनी नाराजगी जताई, लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। ऐसे में अब एक बार फिर बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाया गया है।
अभ्यर्थियों ने विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में स्वीकृत 2,89,005 पदों में से केवल 1,74,419 शिक्षक कार्यरत हैं जबकि 1,15,678 पद खाली हैं। कई स्कूल एक या दो शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रहे हैं जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
वर्ग-2 भर्ती में प्रत्येक विषय में कम से कम 3,000 पद या कुल मिलाकर न्यूनतम 10,000 पद बढ़ाए जाएं और जल्द द्वितीय काउंसलिंग शुरू की जाए। वर्ग-3 भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाकर कम से कम 25,000 की जाए और द्वितीय काउंसलिंग प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि रिक्त पदों के अनुरूप भर्ती बढ़ाई जाती है तो इससे न केवल बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।







