ट्रांसफर इंडस्ट्री को लेकर जीतू पटवारी का मोहन सरकार पर हमला मीडिया स्टिंग के बाद न्यायिक जांच की मांग, मुख्यमंत्री से पूछे तीन सवाल

ट्रांसफर इंडस्ट्री को लेकर जीतू पटवारी का मोहन सरकार पर हमला
मीडिया स्टिंग के बाद न्यायिक जांच की मांग, मुख्यमंत्री से पूछे तीन सवाल
भोपाल यश भारत। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने प्रदेश में कथित ट्रांसफर इंडस्ट्री के मुद्दे पर मुख्यमंत्री और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। हाल ही में सामने आए एक मीडिया स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देते हुए उन्होंने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। रविवार को जारी एक बयान में पटवारी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में तबादले प्रशासनिक आवश्यकता और नियमों के आधार पर होने चाहिए लेकिन प्रदेश में ऐसी स्थिति बनती दिखाई दे रही है जहां पदस्थापनाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तबादले प्रशासनिक प्रक्रिया के बजाय कथित तौर पर एक व्यवस्थित कारोबार का रूप लेते जा रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पहले जब विपक्ष ने ट्रांसफर इंडस्ट्री का मुद्दा उठाया था तब सत्तारूढ़ दल ने उसे राजनीतिक आरोप बताकर खारिज कर दिया था लेकिन अब मीडिया स्टिंग के बाद जनता के बीच इस विषय को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। उन्होंने कहा कि यदि तबादलों के लिए धनराशि लिए जाने जैसे दावे सामने आ रहे हैं तो यह शासन प्रशासन की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। पटवारी ने मुख्यमंत्री सचिवालय में अधिकारियों के लगातार तबादलों का भी उल्लेख किया। उनका दावा है कि पिछले ढाई वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में अधिकारियों का स्थानांतरण हुआ है जिससे प्रशासनिक स्थिरता प्रभावित हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि इन तबादलों के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं और क्या इनकी स्वतंत्र जांच कराई जाएगी। कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री से तीन प्रमुख सवाल पूछे हैं। पहला क्या प्रदेश में ट्रांसफर इंडस्ट्री संचालित हो रही है दूसरा यदि ऐसा नहीं है तो स्टिंग ऑपरेशन में सामने आए दावों की न्यायिक जांच कब कराई जाएगी और तीसरा यदि ऐसे आरोप सही हैं तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है पटवारी ने कहा कि प्रदेश की पहचान विकास निवेश रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों से होनी चाहिए न कि तबादलों को लेकर उठ रहे विवादों से। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर तथ्य जनता के सामने रखने की मांग की। कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह आने वाले दिनों में इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाएगी और सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग जारी रखेगी।






