भोपाल एम्स में कैंसर पीड़ित मासूम को लगाया फॉर्मेलिन इंजेक्शन, मौत, दो नर्सों पर एफआईआर

भोपाल एम्स में कैंसर पीड़ित मासूम को लगाया फॉर्मेलिन इंजेक्शन, मौत, दो नर्सों पर एफआईआर
भोपाल, यशभारत। राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में चिकित्सा स्टाफ की एक संवेदनहीन और घातक लापरवाही के कारण तीन वर्षीय कैंसर पीड़ित मासूम की मौत हो गई। पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती बच्चे को नर्सिंग स्टाफ ने दवा की जगह शवों और बायोप्सी सैंपल को सुरक्षित रखने वाला खतरनाक रसायन फॉर्मेलिन इंजेक्ट कर दिया। पिता के बार-बार टोकने के बावजूद नर्स ने उनकी बात को अनसुना कर दिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद बागसेवनिया थाना पुलिस ने एम्स की आंतरिक जांच रिपोर्ट के आधार पर दो नर्सिंग ऑफिसर्स के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, सागर जिले की बीना तहसील के ग्राम कौरजा निवासी सार्थक यादव उम्र 3 साल ब्लड कैंसर से पीड़ित था। उसे गंभीर हालत में एम्स के पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती कराया गया था। 17 दिसंबर की सुबह बच्चे की आईवी लाइन चोक होने पर ड्यूटी पर मौजूद नर्स मधुबाला शर्मा ने बिना जांच किए वहां रखी एक सिरिंज उठाई और बच्चे की नस में लगा दी। बच्चे के पिता का दावा है कि उन्होंने सिरिंज देखकर नर्स को तीन बार चेताया कि इसमें सही दवा नहीं है, लेकिन नर्स ने उन्हें डांटकर शांत करा दिया।
फॉर्मेलिन शरीर में पहुंचते ही बच्चे की हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया। उसे तुरंत पीआईसीयू में शिफ्ट कर डॉक्टरों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन सुबह करीब 8:45 बजे उसकी मौत हो गई। एम्स प्रबंधन की आंतरिक जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में माना है कि बच्चे की मौत सीधे तौर पर नस में फॉर्मेलिन पहुंचने से हुई। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी नर्स मधुबाला शर्मा पर घोर लापरवाही से मौत की धारा के तहत केस दर्ज किया है, जिसमें 5 साल की सजा हो सकती है। वहीं, खतरनाक रसायन को असुरक्षित रखने के आरोप में दूसरी नर्स अनुका गुजराती पर धारा 286 के तहत कार्रवाई की गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।







