रिश्वत मांगने के मामले में हेडकांस्टेबल नपा तो टीआई ने पूछा षडयंत्र के पीछे कौन, पता लगाओ

रिश्वत मांगने के मामले में हेडकांस्टेबल नपा तो टीआई ने पूछा षडयंत्र के पीछे कौन, पता लगाओ
-हेडकांस्टेबल ने शिकायत बंद करने के बदले मांगी थी दस हजार की रिश्वत
-जिला अभिभाषक संघ ने भी की थी शिकायत, टीआई की शिकायत पर अधिकारी मौन
भोपाल, यशभारत। कोलार थाना में एक शिकायत की जांच के दौरान युवक से मामला रफा-दफा करने के एवज में दस हजार रूपए की रिश्वत मांगने के मामले में डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल ने कोलार थाने के हेडकांस्टेबल आशीष दुबे को निलंबित कर दिया। जब यह खबर कोलार टीआई तक पहुंची तो उन्होंने अपने थाने के व्हाट्सएप गु्रप में अपने चहते और कमाऊ हेडकांस्टेबल से पूछा कि ‘आशीष इस षडय़ंत्र के पीछे कौन है पता लगाओ’। इससे पहले हेडकांस्टेबल को कोर्ट मुंशी के पद से हटाया गया था। उसके खिलाफ जिला अभिभाषक संघ ने भोपाल कमिश्नर को लिखित आवेदन देकर शिकायत की थी।
जानकारी के मुताबिक लालघाटी निवासी हितेश तलरेजा के खिलाफ नीरज साहू नाम के व्यक्ति ने कोलार थाने में एक लिखित शिकायत की थी। इस शिकायत की जांच के दौरान हेड कांस्टेबल आशीष दुबे ने हितेश तलरेजा को कॉल कर बयान देने के लिए थाने बुलाया था। बयान लेने के बाद हेडकांस्टेबल ने उनसे शिकायत बंद करने व आगे से थाने से कॉल न होने की बात कहते हुए दस हजार रूपए की मांग की थी। इस मामले में आवेदक हितेश तलरेजा ने डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल को इस संबंध में एक लिखित शिकायत के साथ एक सीडी दी थी, जिसमें हेडकांस्टेबल आशीष दुबे द्वारा रिश्वत मांगने का वीडियो दिया गया था। इस मामले की जांच के बाद डीसीपी जोन-4 ने पाया कि कोलार थाना में पदस्थ कार्यवाहक हेडकांस्टेबल आशीष दुबे ने शिकायत बंद करने के एवज में हितेश तलरेजा से दस हजार रूपए की मांग की थी। इसके बाद डीसीपी जोन-4 खंडेलवाल ने हेडकांस्टेबल आशीष दुबे को भ्रष्ट और संदेहास्पद आचरण और सेवा शर्तों का उल्लघंन करने का दोषी मानते हुए शुक्रवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

षडय़ंत्र का पता लगाने में जुटे टीआई:-
सूत्र बताते हैं कि हेडकांस्टेबल आशीष दुबे के नपने के बाद कोलार थाना प्रभारी संजय सिंह सोनी ने डीसीपी जोन-4 मसूर खंडेलवाल द्वारा की गई निलंबन की कार्रवाई को किसी का षडय़ंत्र समझ लिया। अपने चहेते हेडकांस्टेबल पर गाज गरने से बौखलाए टीआई ने कोलार थाना के पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों के पीएस कोलार व्हाट्सएप ग्रुप में पूछा था कि आशीष इस षडय़ंत्र के पीछे कौन है, पता लगाओ। सूत्रों की माने तो टीआई के आदेश के बाद निलंबित हेडकांस्टेबल थाना में पदस्थ सभी पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के बीच छिपे षडय़ंत्रकारी को तलाशने में जुट गया है, वहीं निलंबन आदेश के बाद टीआई ने भी संदेहियों की खोज शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि टीआई अपने मातहतों में से कुछ की लिस्ट तैयार कर रहे हैं, जिन्हें वह थाना से रवाना कराना चाहते हैं।
पूर्व में भी हुई थी शिकायत:-
जिला अभिभाषक संघ ने गत दिवस कमिश्नर भोपाल को लिखित में शिकायत की है कि अदालत में कोलार थाने से कोर्ट मुंशी आशीष दुबे की तैनाती है। यहां वह वकीलों से अनावश्यक पैसों की मांग करते है। पैसे नहीं दिए जाने पर कोर्ट मुंशी द्वारा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी जाती है। वकीलों का आरोप था कि उन्होंने इस संबंध में कोलार थाना प्रभारी संजय सोनी को भी अवगत कराया था, लेकिन उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया था।
डीजीपी के पास पहुंची शिकायत के बाद भी टीआई सुरक्षित-
एक सप्ताह पहले जनसुनवाई में डीजीपी कैलाश मकवाणा के पास कोलार टीआई संजय सिंह सोनी की एक शिकायत पहुंची थी, जिसमे चोरी के एक मामले में कीमती माल को गायब करना और फरियादी को बैठाए रखे का जिक्रा था, इसके बाद डीजीपी मकवाणा ने पूरे मामले की जांच एडीजी रैंक के अधिकारी को सौंपी थी, लेकिन अब तक थाना प्रभारी सुरक्षित हैं उन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई और अधिकारी मौन हैं।







