यश भारत की खबर का असर : 3 बार लेट तो आधे दिन की छुट्टी, वेतन से भी हो सकती है कटौती, अब सभी डिस्पेंसरी में समय से पहुंचेंगे प्रभारी एवं स्टाफ
अपर निदेशक ने 96 हजार लाभार्थियों के हित में दिखाई संजीदगी दी चेतावनी

जबलपुर यश भारत। शहर के सीजीएचएस स्वास्थ्य केंद्रों में निर्धारित समय पर प्रभारी सहित डाक्टर्स और स्टाफ के ड्यूटी पर देर से पहुंचने विषयक समाचार गत दिवस यश भारत में प्रकाशित होने की तत्काल प्रतिक्रिया सामने आई। एडीशनल डायरेक्टर ने खबर पर गंभीरता दिखाते हुए तत्काल निर्देश जारी कर कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी सुनिश्चित करें कि सभी डाक्टर्स और स्टाफ समय पर उपस्थित होकर बायोमेट्रिक हाजिरी लगायें। यदि कोई माह में तीन बार से ज्यादा लेट होता है तो उसका आधा दिन का आकस्मिक अवकाश काट लिया जावेगा। इसके साथ ही वेतन में भी कटौती की जा सकती है।

स्मरणीय है कि 21अगस्त के अंक में यश भारत ने खबर प्रकाशित की थी कि डिस्पेंसरी का समू7.30 लेकिन जिम्मेदार पहुंचते हैं 9 बजे तक। इस समाचार को लेकर एक पेंशनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी ने यश भारत का समाचार एडीशनल डायरेक्टर सीजीएचएस को भेज कर कड़ी कार्यवाही की मांग की।जिस पर ए डी ने उसी समय निर्देश जारी कर सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को अग्रेषित कर दिया।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में शहर में 6 स्वास्थ्य केंद्रों से 96 हजार लाभार्थी चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त करते हैं। इसमें रेलवे को छोड़कर सभी सरकारी विभागों और केन्द्रीय उपक्रमों के कर्मचारी और पेंशनर्स शामिल हैं। इतना ही नहीं न केवल शहर अपितु कटनी और इटारसी तक के लाभार्थी सीजीएचएस से जुड़े हैं।मानक के अनुसार पांच हजार लाभार्थियों पर एक स्वास्थ्य केंद्र होना चाहिए। लेकिन सिर्फ 6 स्वास्थ्य केंद्रों से इलाज किया जा रहा है।
सबसे ज्यादा परेशानी सेवारत कर्मचारियों एवं बुजुर्ग पेंशनर्स को हो रही है। यद्यपि अनेक बार विभिन्न मंचों से डिस्पेंसरी बढ़ाने की मांग की गई है। लेकिन अब तक मानक के अनुसार डिस्पेंसरी नहीं बढ़ाई गईं हैं। इतना ही नहीं एक दशक से चिकित्सक और स्टाफ भी लगातार कम होता जा रहा है। इसके बाद स्टाफ और डाक्टर्स की लेट लतीफी लाभार्थियों की परेशानियों को बढ़ा देती है। बहरहाल अपर निदेशक के चेतावनी भरे निर्देश के बाद लाभार्थियों को कुछ राहत मिल सकती है।







