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ग्वारीघाट पर होमगार्ड जवानों ने युवक को आत्महत्या से बचाया: पारिवारिक तनाव से परेशान था आकाश चौधरी

 

जबलपुर:  जबलपुर के पवित्र ग्वारीघाट पर एक हृदय विदारक घटना को होमगार्ड के जांबाज जवानों ने अपनी सूझबूझ और बहादुरी से टाल दिया। बादशाह हलवाई गली नंबर 2 के निवासी आकाश चौधरी (उम्र लगभग 25 वर्ष) नामक युवक ने पारिवारिक तनाव से इस कदर परेशान होकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने का निश्चय किया कि उसने नर्मदा नदी में छलांग लगा दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय आकाश अचानक नदी के किनारे पहुँचा और बिना किसी को कुछ बताए सीधे गहरे पानी में कूद गया। यह दृश्य देख घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, इसी दौरान ग्वारीघाट पर हमेशा मुस्तैद रहने वाली होमगार्ड की रेस्क्यू टीम के दो जवान, राजू नागराज और राहुल गुप्ता, ने असाधारण तत्परता का परिचय दिया। उन्होंने एक पल भी गंवाए बिना, अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत नर्मदा नदी में छलांग लगा दी।

पानी की तेज धार के बावजूद, दोनों जवानों ने हिम्मत नहीं हारी और डूबते हुए आकाश तक पहुँचने में कामयाब रहे। कड़ी मशक्कत के बाद, उन्होंने अचेत हो रहे आकाश को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। तुरंत प्राथमिक उपचार देने के बाद, जब आकाश थोड़ा होश में आया, तो जवानों ने उससे उसके इस कदम के पीछे का कारण पूछा। आकाश ने भरे गले से बताया कि वह अपने परिवार में चल रहे लगातार तनावों और मनमुटाव से इतना त्रस्त हो चुका था कि उसे अपनी समस्याओं का कोई और समाधान नहीं दिख रहा था और उसने हार मानकर आत्महत्या करने का निर्णय लिया था।

होमगार्ड के जवानों ने आकाश को धैर्यपूर्वक समझाया और उसे जीवन का महत्व बताया। उन्होंने उसे समझाया कि आत्महत्या किसी समस्या का हल नहीं है और हर मुश्किल का सामना हिम्मत से किया जा सकता है। युवक को सांत्वना देने और काउंसलिंग करने के बाद, होमगार्ड के जवानों ने उसके परिजनों से संपर्क किया। शाम होते-होते, आकाश को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया, जिन्होंने अपने बेटे की जान बचाने के लिए होमगार्ड जवानों का बार-बार आभार व्यक्त किया।

समय रहते हुई इस मानवीय कार्रवाई के चलते एक युवा जान बच सकी। स्थानीय लोगों ने भी होमगार्ड जवानों राजू नागराज और राहुल गुप्ता के इस साहसिक और सराहनीय कार्य की जमकर प्रशंसा की है। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि समाज में मानसिक स्वास्थ्य सहायता और तनाव प्रबंधन की कितनी आवश्यकता है।

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