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सहकारी विपणन समिति सिहोरा का मामला : ब्लैकलिस्टेड समिति को खरीदी का मिला काम

2023 में मूंग उपार्जन की हेरा फेरी का लगा था आप आरोप 2024 में अधिकारियों ने फिर कर दी मेहरबानी

 

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जबलपुर यश भारत। जिले में अभी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग उपार्जन का कार्य ठीक से प्रारंभ भी नहीं हुआ है और विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहे । मूंग उपार्जन को लेकर एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां प्रशासन द्वारा ब्लैकलिस्टेड समिति को उपार्जन का कार्य दे दिया गया है। मामला सिहोरा का है जहां सहकारी विपणन समिति सिहोरा को मूंग उपार्जन की जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन जानकारी के मुताबिक यह समिति पिछले साल मूंग उपार्जन के द्वारान गंभीर आरोपों के घेरे में आई थी। इसके बाद जिला प्रशासन और विपणन संघ के द्वारा इसे ब्लैक लिस्ट करने का आदेश दिया गया था साथ ही साथ एफ़ आई आर करने के भी आदेश हुए थे । लेकिन इस बार फिर इस समिति को उपार्जन का कार्य दे दिया गया है।

कोर्ट में है मामला

जानकारी के मुताबिक सिहोरा विपणन द्वारा वर्ष 2023 में जेल गोदाम और राजपूत वेयरहाउस में उपार्जन का कार्य किया गया था। जहां जांच के दौरान स्टॉक की अनियमित सामने आई थी । जिसके बाद प्रशासन द्वारा कार्रवाई के आदेश दिए गए थे । इसके बाद समिति के प्रबंधक द्वारा कोर्ट में आवेदन किया गया और कोर्ट के द्वारा पूरे मामले में को संज्ञान में लेते हुए सभी पक्षों को सुने जाने के बाद कार्यवाही करने के की बात कही थी। जो कि सिर्फ एफ़ आई आर के विषय में था ना कि प्रशासनिक और विभागीय कार्यवाही को रोकने के विषय में था। इसके बाद उस पूरे मामले में विपणन संघ और जिला प्रशासन की तरफ से अभी जांच चल रही है और समिति को जिला स्तर पर कोई भी क्लीन चिट नहीं दी गई है।

अधिकारियों को है जानकारी

इस पूरे मामले में जिला उपार्जन समिति के पास सिहोरा समिति के ब्लैक लिस्टेड होने और मामला जांच में होने की पूरी जानकारी थी। क्योंकि 2023 में जो अधिकारी जांच में शामिल थे या जिला उपार्जन समिति में मौजूद थे वही अधिकारी आज भी मौजूद है। चाहे वह कृषि विभाग के अधिकारियों हो या खाद्य विभाग के अधिकारी हो या एमपी वेयरहाउसिंग के अधिकारी हो। ऐसे में इस पूरे मामले की जानकारी उनके पास पूर्ण रूप से थी। उसके बाद भी उनके द्वारा उक्त समिति को मूंग का कार्य दे दिया गया जो अपने आप में बड़े सवाल खड़ा करती है, और अधिकारियों की नियत पर भी प्रश्न चिन्ह लगा रही है।

गेहूं मैं भी किया काम

अधिकारियों की ब्लैक लिस्ट समिति पर मेहरबानी इसी बात से समझी जा सकती है कि मूंग के पहले अधिकारियों द्वारा उक्त समिति से गेहूं उपार्जन का कार्य भी कराया जा चुका है । जबकि गेहूं उपार्जन को लेकर अधिक केंद्रों की आवश्यकता थी ऐसे में तो विवादित समिति को काम देना समझा जा सकता है । लेकिन जिले में कुल 21 मूंग के केंद्र स्थापित किए गए हैं जिसमें से 19 सहकारी समितियां को दिए गए हैं उसे पर भी ब्लैकलिस्टेड और विवादित समिति को काम देना सवाल तो खड़े करता ही है।

वर्जन
2023 में मूंग उपार्जन के दौरान सिहोरा विपणन पर एफ़ आई आर के आदेश दिए गए थे और पूरे मामले में अभी समिति को प्रशासन की तरफ से क्लीन चिट नहीं दी गई है, मामला जांच में है।

रवि अंब्रवंशी
जिला कृषि अधिकारी

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