कांच के जैसे टुकड़ों में बिखरा हाईवे, NH44 पर गहरी खाई, रोंगटे खड़े करने वाला नजारा
समरौली से मात्र 100 मीटर पहले है, वहां सड़क का बड़ा हिस्सा टूटकर बह गया

कांच के जैसे टुकड़ों में बिखरा हाईवे, NH44 पर गहरी खाई, रोंगटे खड़े करने वाला नजारा
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई रूटों को बंद कर दिया है और लोगों से अपील की है कि वे प्रभावित क्षेत्रों में न जाएं. भूस्खलन के कारण न सिर्फ सड़कें ध्वस्त हुई हैं, बल्कि बिजली और पानी की सप्लाई भी बुरी तरह प्रभावित हुई है.

जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में हो रही लगातार भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें कई बढ़ा दी हैं. तेज बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है और कई सड़कों पर बड़े पैमाने पर नुकसान देखने को मिला है. हालात इतने खराब हैं कि लोगों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है.एक वीडियो सामने आया है जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे उधमपुर-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH44) पर सड़क का बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया. वीडियो में सड़क के नीचे की मिट्टी बहती दिख रही है और ऊपर की परत धीरे-धीरे टूटती जा रही है. आसपास खड़े लोग इस नजारे को देखते ही रह जाते हैं.

सबसे ज्यादा नुकसान जखियानी और समरौली के बीच के हिस्से में हुआ है. विशेष रूप से देवील ब्रिज के पास, जो समरौली से मात्र 100 मीटर पहले है, वहां सड़क का बड़ा हिस्सा टूटकर बह गया. इसके अलावा बाली नल्ली और थराड़ ब्रिज के पास भी भारी नुकसान दर्ज किया गया है.
स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई रूटों को बंद कर दिया है और लोगों से अपील की है कि वे प्रभावित क्षेत्रों में न जाएं. भूस्खलन के कारण न सिर्फ सड़कें ध्वस्त हुई हैं, बल्कि बिजली और पानी की सप्लाई भी बुरी तरह प्रभावित हुई है.
ट्रैफिक पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर मौजूद हैं. मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत कार्य में बड़ी बाधा बन रही है. अधिकारियों का कहना है कि हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है और मौसम सुधरते ही सड़कों की मरम्मत शुरू की जाएगी. फिलहाल लोगों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है और प्रशासन ने यात्रियों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है.







