भोपालमध्य प्रदेश

ऑन आर्मी ड्यूटी लिखे वाहन से गैस चोरी का भंडाफोड़, 18 सिलेंडर जब्त

ऑन आर्मी ड्यूटी लिखे वाहन से गैस चोरी का भंडाफोड़, 18 सिलेंडर जब्त

भोपाल , यशभारत। राजधानी में घरेलू गैस सिलेंडरों से गैस चोरी कर अवैध तरीके से बेचने वाले एक गिरोह का प्रशासन ने भंडाफोड़ किया है। कलेक्टोरेट के सामने की गई इस कार्रवाई में एक संदिग्ध वाहन को पकड़ा गया, जिस पर ऑन आर्मी ड्यूटी का स्टीकर लगा हुआ था। जांच के दौरान कई सिलेंडरों में 2 से 3 किलोग्राम तक गैस कम पाई गई, जिसके बाद टीम ने वाहन समेत 18 सिलेंडरों को जब्त कर लिया।

दस्तावेज नहीं दिखा पाया चालक
जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि सहायक आपूर्ति अधिकारी संदीप भार्गव के नेतृत्व में टीम ने संदेह के आधार पर वाहन को रोककर तलाशी ली। वाहन में 9 भरे और 9 खाली गैस सिलेंडर रखे हुए थे। पूछताछ में चालक देवेंद्र मेवाड़ा ने बताया कि वाहन मिलिट्री स्टेशन गैस एजेंसी से संबंधित है, लेकिन वह मौके पर सभी सिलेंडरों के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। 9 भरे सिलेंडरों में से केवल 5 की ही पर्चियां उसके पास मिलीं, जबकि बाकी सिलेंडरों के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा सकी।

वजन कराया तो खुली पोल
आपूर्ति विभाग की टीम ने मौके पर कांटा मंगवाकर सिलेंडरों का वजन कराया। जांच में कई सिलेंडरों में निर्धारित मात्रा से 2 से 3 किलोग्राम तक गैस कम पाई गई। इसके बाद अधिकारियों ने पूरे वाहन और सिलेंडरों को जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी भरे हुए सिलेंडरों से गैस निकालकर खाली सिलेंडरों में भरते थे और फिर उन्हें बाजार में बेच देते थे। इससे उपभोक्ताओं को कम गैस मिलने के साथ ही सरकारी नियमों का भी उल्लंघन हो रहा था।

हादसे को न्योता दे रही थी लापरवाही
अधिकारियों का कहना है कि सिलेंडरों से गैस की अवैध ट्रांसफरिंग बेहद खतरनाक प्रक्रिया है। थोड़ी सी चूक होने पर गैस रिसाव से भीषण आग या विस्फोट हो सकता है, जिससे आसपास के लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है। खासतौर पर आबादी वाले इलाकों में इस तरह की गतिविधियां गंभीर हादसे का कारण बन सकती हैं।

एडीएम कोर्ट में पेश होगा मामला
प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण तैयार कर लिया है, जिसे एडीएम कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही विभाग यह भी जांच कर रहा है कि इस पूरे नेटवर्क में गैस एजेंसी के अन्य कर्मचारियों या डिलीवरी से जुड़े लोगों की कोई भूमिका तो नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर लेते समय उसका वजन अवश्य जांचना चाहिए। यदि सिलेंडर में गैस कम पाई जाती है या कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है तो तुरंत संबंधित एजेंसी या प्रशासन को सूचना दें, ताकि ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button