म्यार नदी पुल निर्माण में 33 लाख से ज्यादा का फर्जीवाड़ा, EOW ने तत्कालीन SDO, उपयंत्री और ठेकेदार पर दर्ज की FIR
माप पुस्तिका गायब कर बदला अंतिम बिल, 16.78 लाख की पेनल्टी बचाने के लिए रची गई साजिश

रीवा, यश भारत। सिंगरौली जिले में म्यार नदी पर पुल निर्माण के नाम पर सरकारी राशि में हेराफेरी का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की रीवा इकाई ने जांच के बाद लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि पुल निर्माण का अंतिम स्वीकृत बिल 7 लाख 37 हजार 861 रुपये था, लेकिन कथित तौर पर माप पुस्तिका में हेराफेरी कर इसे बढ़ाकर 40 लाख 91 हजार 300 रुपये का फर्जी बिल तैयार कर लिया गया। इस तरह 33 लाख 53 हजार 439 रुपये की राशि का अंतर सामने आया। इतना ही नहीं, काम में देरी के कारण लगने वाली 16 लाख 78 हजार 437 रुपये की पेनल्टी से बचने के लिए भी दस्तावेजों में बदलाव किया गया।
पुल निर्माण का ठेका 5 फरवरी 2016 को मेसर्स विजय कुमार मिश्रा कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था। काम 4 अप्रैल 2018 तक पूरा होना था, लेकिन ठेकेदार ने करीब चार महीने की देरी से 1 अगस्त 2018 को काम पूरा किया। जनवरी 2019 में तत्कालीन एसडीओ सुशील कुमार मिश्रा ने अंतिम बिल भुगतान के लिए प्रस्तुत किया था।







