एमएलबी कॉलेज के पास शराब दुकान का उग्र विरोध, एबीवीपी ने किया चक्काजाम

एमएलबी कॉलेज के पास शराब दुकान का उग्र विरोध, एबीवीपी ने किया चक्काजाम
कलेक्टर ने दिया कानूनी जांच के बाद 7 दिन में उचित निर्णय का आश्वासन, छात्रों ने दी आठवें दिन उग्र आंदोलन की चेतावनी
भोपाल, यशभारत। पॉलिटेक्निक चौराहे और एमएलबी गर्ल्स कॉलेज के समीप संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सड़क पर उतरकर पॉलिटेक्निक चौराहे पर चक्काजाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन के कारण क्षेत्र में काफी देर तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, सीएम हाउस जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग
प्रदर्शनकारी छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने शराब दुकान के आसपास सुरक्षा घेरा बनाया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री निवास की ओर जाने वाले रास्ते और विज्ञान केंद्र मार्ग पर भी मजबूत बैरिकेड्स लगाए गए थे। प्रदर्शन के दौरान छात्राएं और छात्र हाथों में तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर शिक्षा के मंदिर के पास शराब की दुकान नहीं चलेगी जैसे नारे लिखे हुए थे। इस दौरान कई आक्रोशित छात्र बैरिकेड्स पर चढ़कर नारेबाजी करते नजर आए।
छात्राओं की सुरक्षा दांव पर, शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं
एबीवीपी पदाधिकारियों और प्रदर्शनकारी छात्राओं का आरोप है कि कॉलेज, गर्ल्स हॉस्टल और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के बेहद नजदीक शराब दुकान होने के कारण वहां असामाजिक तत्वों और शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे कॉलेज आने-जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा हमेशा खतरे में रहती है। छात्रों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस संबंध में जिला प्रशासन को कई बार लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने के कारण अंततः उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।
कलेक्टर ने संभाला मोर्चा, हाईकोर्ट के निर्देशों का दिया हवाला
तनाव बढ़ता देख भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा स्वयं प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों से चर्चा कर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के लिए उनकी सराहना की। कलेक्टर ने वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि पदभार ग्रहण करने के बाद मामला उनके संज्ञान में आया था और नियमों के तहत 3 जून को संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया गया था।
इसके बाद यह मामला उच्च न्यायालय चला गया, जहां से माननीय न्यायालय ने जिला स्तरीय समिति को नियमानुसार सुनवाई कर फैसला करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि कॉलेज से दुकान की दूरी सहित सभी कानूनी पहलुओं की बारीकी से जांच कर 7 दिनों के भीतर उचित और न्यायसंगत निर्णय लिया जाएगा।
सात दिन प्रशासन के, आठवां दिन छात्रों का
कलेक्टर के लिखित व मौखिक आश्वासन के बाद एबीवीपी ने फिलहाल अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। हालांकि, संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि तय समयसीमा 7 दिन के भीतर शराब दुकान को वहां से नहीं हटाया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि सात दिन प्रशासन के हैं, लेकिन आठवां दिन छात्रों का होगा और तब छात्र स्वयं सड़कों पर उतरकर शराब दुकान को हटाने व उसे ध्वस्त करने की कार्रवाई करेंगे।







