मंत्रालय में मंत्रियों के साथ 2 घंटे की बैठक भी नहीं निकाल सकी समाधान, किसानों के समर्थन में उतरे अभिजीत दिपके

मंत्रालय में मंत्रियों के साथ 2 घंटे की बैठक भी नहीं निकाल सकी समाधान, किसानों के समर्थन में उतरे अभिजीत दिपके
भोपाल। मूंग खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करने और अन्य लंबित मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन का समाधान निकालने के लिए मंत्रालय में किसानों के 15 प्रतिनिधियों की कृषि मंत्री इंदल सिंह कंसाना, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री कृष्णा गौर तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे तक मैराथन बैठक हुई। हालांकि लंबी चर्चा के बावजूद किसी भी मांग पर सहमति नहीं बन सकी और बैठक बेनतीजा समाप्त हो गई।
बैठक के बाद किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। किसानों का कहना है कि ई-टोकन व्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में किसान अपनी मूंग उपज बेचने से वंचित रह गए हैं। साथ ही पर्याप्त मात्रा में समर्थन मूल्य पर खरीदी नहीं होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक पत्र जारी कर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के लिए मूंग खरीदी का कोई निश्चित लक्ष्य तय नहीं किया है। केंद्र ने प्रदेश को कुल उत्पादन के 25 प्रतिशत तक खरीदी की मंजूरी दी है। यदि इससे अधिक खरीदी की आवश्यकता हो तो राज्य सरकार अपने संसाधनों से अतिरिक्त खरीदी कर सकती है। शिवराज के इस पत्र के बाद मूंग खरीदी को लेकर नई राजनीतिक चर्चा भी शुरू हो गई है।
उधर, दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले में आंदोलन का नेतृत्व कर चुके सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके भी किसानों के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने किसानों की मांगों को जायज बताया।







