ड्रॉपआउट छात्रों को फिर मिलेगी शिक्षा की राह प्रदेश में शुरू होगी शिक्षा घर योजना मुख्यमंत्री ने दिए अमल के निर्देश

ड्रॉपआउट छात्रों को फिर मिलेगी शिक्षा की राह
प्रदेश में शुरू होगी शिक्षा घर योजना मुख्यमंत्री ने दिए अमल के निर्देश
भोपाल यश भारत। मध्यप्रदेश सरकार स्कूल छोड़ चुके बच्चों और युवाओं को दोबारा शिक्षा से जोड़ने के लिए नई पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में शिक्षा घर योजना को सैद्धांतिक सहमति देते हुए अधिकारियों को इसे जल्द लागू करने के निर्देश दिए। योजना का उद्देश्य उन विद्यार्थियों को फिर से पढ़ाई की मुख्यधारा में लाना है जिन्होंने आर्थिक पारिवारिक या अन्य कारणों से बीच में ही स्कूल छोड़ दिया था। सरकार विशेष रूप से कक्षा आठवीं के बाद बढ़ रही ड्रॉपआउट दर को कम करने पर ध्यान देगी। इसके लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर ऐसे विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें परामर्श मार्गदर्शन और आवश्यक शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग को चालू शैक्षणिक सत्र से ही योजना को प्रभावी रूप से लागू करने की तैयारी करने को कहा गया है। सरकार का मानना है कि इस पहल से हजारों युवाओं को दोबारा शिक्षा पूरी करने का अवसर मिलेगा और प्रदेश की साक्षरता दर में भी सुधार होगा। स्कूलों में पढ़ाई जाएगी सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर देते हुए सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को भारतीय इतिहास और संस्कृति के गौरवशाली अध्यायों से परिचित कराना जरूरी है। अधिकारियों को पाठ्यक्रम संशोधन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के जर्जर स्कूल भवनों की स्थिति पर भी चिंता जताई और मानसून से पहले मरम्मत कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को निरंतर जारी रखने और उनका लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।







