बड़ा तालाब की हद जानने के लिए आज भी होगी ड्रोन से पड़ताल

बड़ा तालाब की हद जानने के लिए आज भी होगी ड्रोन से पड़ताल
– नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद शुरू हुआ ड्रोन और ग्राउंड सर्वे
भोपाल, यश भारत। राजधानी के बड़े तालाब की सीमा और ग्रीन बेल्ट को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद रविवार को शुरू हुआ ड्रोन और ग्राउंड सर्वे सोमवार को भी जारी रहेगा। पहले दिन की पड़ताल में तालाब की सीमा, एफटीएल और ग्रीन बेल्ट से जुड़े कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनकी विस्तृत जांच अब आज होने वाले सर्वे में की जाएगी। टीम उन संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखेगी, जहां जलभराव, निर्माण और मौके पर मौजूद चिन्हांकन के बीच अंतर दिखाई दे रहा है।
रविवार को गौहर महल से ड्रोन सर्वे की शुरुआत हुई। ड्रोन के जरिए बड़े तालाब और आसपास के क्षेत्रों की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए गए। इसके साथ ही दूसरी टीम ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर जमीनी स्थिति का निरीक्षण किया। सर्वे का मुख्य उद्देश्य तालाब की वास्तविक सीमा, फुल टैंक लेवल और ग्रीन बेल्ट की स्थिति का मौके के चिन्हांकन से मिलान करना है।
कई हिस्सों में बदली नजर आई स्थिति
सर्वे के दौरान कुछ स्थानों पर रिटेनिंग वॉल के ऊपर से पानी बहता मिला। करबला पंप हाउस के सामने और श्रीन नदी के आसपास जलकुंभी तथा पानी में उगने वाली घास का फैलाव भी नजर आया। खानूगांव क्षेत्र में एफटीएल और ग्रीन बेल्ट से जुड़े कई मुनारे मौके पर दिखाई नहीं दिए। इससे यह सवाल खड़ा हुआ है कि निर्धारित सीमा के चिन्हांकन और वास्तविक स्थिति में कितना अंतर है।
टीम ने उन स्थानों का भी निरीक्षण किया, जहां पानी का फैलाव निर्धारित सीमा से आगे तक दिखाई दे रहा था। ऐसे क्षेत्रों की स्थिति को ड्रोन फुटेज और जमीनी निरीक्षण के आधार पर दर्ज किया जा रहा है। माना जा रहा है कि सोमवार के सर्वे में इन बिंदुओं पर और विस्तृत पड़ताल होगी।
निर्माण वाले क्षेत्रों पर भी नजर
ड्रोन और ग्राउंड सर्वे के दौरान खानूगांव स्थित निर्माणाधीन क्रूज साइट, आर्मी स्पोर्ट्स एरिया, कोहेफिजा, हलालपुरा स्थित फिजा फार्म, लैंडमार्क मैरिज गार्डन के पीछे और चिरायु अस्पताल क्षेत्र समेत कई संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया गया। इन क्षेत्रों में तालाब की सीमा और ग्रीन बेल्ट से जुड़े तथ्यों को रिकॉर्ड किया जा रहा है।
इधर, बैरागढ़ एसडीएम वृत्त की टीम ने भी अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की। सर्वे के दौरान पर्यावरणविद् एवं याचिकाकर्ता डॉ. सुभाष सी. पांडे और राशिद नूर भी मौजूद रहे।
आज किन बिंदुओं पर रहेगी नजर
सोमवार को होने वाले सर्वे में रविवार को सामने आए संदिग्ध और संवेदनशील बिंदुओं की दोबारा पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। खासतौर पर एफटीएल और ग्रीन बेल्ट के चिन्हांकन, जलभराव की वास्तविक सीमा और तालाब के आसपास हुए निर्माणों की स्थिति को रिकॉर्ड किया जाएगा। ड्रोन से मिलने वाले आंकड़ों का ग्राउंड रिपोर्ट से मिलान कर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश होगी।
सर्वे पूरा होने के बाद तैयार रिपोर्ट में तालाब की वास्तविक सीमा, ग्रीन बेल्ट और संवेदनशील क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति सामने आएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की दिशा तय होने की संभावना है। ऐसे में सोमवार का सर्वे बड़े तालाब के संरक्षण और उसकी सीमा को लेकर चल रही पड़ताल में अहम माना जा रहा है।







