धूमधाम से निकला डोल ग्यारस चल समारोह, गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू

धूमधाम से निकला डोल ग्यारस चल समारोह, गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू
भोपाल, यशभारत। राजधानी डोल ग्यारस का पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। इसके साथ डोल ग्यारस चल समारोह धूमधाम से रिमझिम बारिश के मोच निकाला गया। जिसमें बैनर, धर्म ध्वजा, घोड़े ऊंट, बैंड, दुल दुल घोडी, मयूर नृत्य मंडली, सजीव अर्धनारीश्वर शिव, राधा-कृष्ण, हनुमान जी की छलांग झांकी, विंटेज कार, रथ आदि आकर्षण का केंद्र रहे। पोपल चौक पर विराजित भोपाल के राजा की अगुवाई में चलसमारोह निकाला गया। जुलूस के चलते यातायात व्यवस्थ बनाए रखने हेतु पुलिस ने विशेष ट्रैफिक डायवर्सन किया था। दो सौ से ज्यादा छोटी और बड़ी प्रतिमाओं का हुआ विसर्जन डोल ग्यारस पर नए और पुराने शहर से चल समारोह निकला, जिसमें बड़ी संख्या में गणेश प्रतिमाएं और डोल शामिल हुए। अलग-अलग स्थानों पर रथ पर सवार होकर भगवान विष्णु नगर भम्रण किया। उनके साथ स्थों में विनायक भगवान भी रहे। पारंपरिक डोल प्यारस के जुलूस में 200 से अधिक छोटी व बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इस मार्ग से निकला जुलुस चौक बाजार से प्रारंभ होकर लखेरापुरा भवानी माँदर पीरगेट, सेफिया कॉलेज रोड, इमामबाड़ा चौकी, जनकपुरी, जुमेराती गेट, सराका चौक, इब्राहिमपुरा, रंजन पैन कार्नर, सुल्तानिया रोड, बुधवार, तलैया काली मंदिर, लिली टॉकीज चौराहा पीएचक्यू तिराहा होते हुए खटलापुर मंदिर के पास जुलूस का समापन हुआ। पहली झांकी छोटे बच्चों की शामिल हुई चल समारोह की शुरुआत पीपल चौक से समिति के पदाधिकारियों सहित हिंदू उत्सव समिति के पूर्व अध्यक्ष दिनेश अग्रवाल दादभाई, श्री राम बारात संयोजक राजु कुशवाहा आदि ने पूजा अर्चना कर की। चल समारोह मार्ग में हर घर से पूजा अर्चना कर घरों में प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए साथ चल रहे वाहन में रखा। चल समारोह में पहली झांकी छोटे बच्चों की शामिल हुई। इसके सभी समाजों के खेल एक-एक कर शामिल होते गए। जिनमें चांदी, पीतल, काष्ठ आदि के एतिहासिक डोल शामिल रहे। खटला पुरा घाट पर श्री गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद सभी डोल वापस अपने अपने मंदिरों में वापसी किया।







