भोपाल में गर्मी के मद्देनजर पेयजल संकट से निपटने की तैयारी तेज, लापरवाही पर मिलेगी सख्त सजा: कलेक्टर

भोपाल में गर्मी के मद्देनजर पेयजल संकट से निपटने की तैयारी तेज, लापरवाही पर मिलेगी सख्त सजा: कलेक्टर
भोपाल, यशभारत। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। नागरिकों को बिना किसी बाधा के स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस संबंध में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि पेयजल से जुड़ी किसी भी शिकायत का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि खराब हैंडपम्पों और जल स्रोतों के सुधार कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक के दौरान कलेक्टर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, पीएम जनमन, धरती आबा अभियान, आधार सत्यापन और जल गंगा संवर्धन जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं की गहन समीक्षा की।
सुबह 8 से रात 8 बजे तक काम करेगा सूखा राहत नियंत्रण कक्ष
बैठक में जानकारी दी गई कि विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट और समस्याओं के त्वरित व प्रभावी समाधान के लिए जिला स्तर पर एक सूखा राहत नियंत्रण कक्ष क्रियाशील कर दिया गया है। आम नागरिक अपनी पेयजल संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत दूरभाष क्रमांक 0755-2924467 पर दर्ज करा सकते हैं। यह नियंत्रण कक्ष प्रतिदिन सुबह 8 बजे से लेकर रात 8 बजे तक दो अलग-अलग पालियों में निरंतर कार्य करेगा, ताकि प्राप्त शिकायतों पर तत्काल एक्शन लिया जा सके।
कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि आम जनता को मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन का पहला कर्तव्य है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को पूरी सक्रियता और समन्वय के साथ धरातल पर काम करने के निर्देश दिए हैं।
लापरवाह अधिकारियों को जारी होंगे कारण बताओ नोटिस
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण और समय सीमा के भीतर निराकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी अधिकारी जनसामान्य की शिकायतों के निपटारे में सुस्ती या ढील दिखाएंगे, उनके खिलाफ तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने जिले में 18 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के आधार सत्यापन (डॉक्यूमेंट अपडेट) तथा 100 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और सुविधाओं के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।
जनसुरक्षा सर्वोपरि: पटाखा फैक्ट्रियों की होगी नियमित जांच
सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित विस्फोटक और पटाखा प्रतिष्ठानों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण करें। अधिकारियों को हर महीने इसका प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में कोई समझौता नहीं होगा और अनधिकृत या अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जनजातीय क्षेत्रों में बढ़ेगा मैदानी संपर्क
पीएम जनमन और धरती आबा अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने भानपुर केकड़िया गांव में आयोजित विशेष हितग्राही शिविरों का ब्यौरा लिया। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनजातीय समुदायों तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने के लिए अधिकारी फील्ड में उतरें और अपना मैदानी संपर्क बढ़ाएं। उन्होंने इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा सेवाओं की पूर्ण संतृप्ति (सैचुरेशन) सुनिश्चित करने को कहा।
इसी तरह, जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत निर्धारित किए गए सभी लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और इससे जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी को नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए।
साप्ताहिक बैठकों में देना होगा प्रगति प्रतिवेदन
आगामी जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक की तैयारियों को लेकर कलेक्टर ने सभी विभागों को अपनी उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य के रोडमैप सहित जिले से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्यवस्थित रूप से तैयार करने के निर्देश दिए। विकास कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए अब सभी विभागों को साप्ताहिक समीक्षा बैठकों में अनिवार्य रूप से अपना प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करना होगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी , संयुक्त कलेक्टर, सभी एसडीएम, जिला पंचायत के वरिष्ठ पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।







