मृत किसान की जमीन अवैध पावर ऑफ अटॉर्नी से बेची, EOW ने मणीराज सिंह सहित अन्य पर दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला
9 रजिस्ट्रियों के माध्यम से विभिन्न लोगों को बेचा गया

भोपाल,,यशभारत। मृत किसान की कृषि भूमि को समाप्त (एक्सपायर्ड) पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर अवैध रूप से बेचने का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने जांच के बाद नेहरू नगर निवासी मणीराज सिंह सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है। EOW को 18 जून 2025 को ग्राम बरखेड़ी, तहसील हुजूर निवासी योगेश कुशवाह द्वारा लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि मणीराज सिंह एवं अन्य लोगों ने आपसी मिलीभगत से मृतक किसान अचल सिंह मेवाड़ा की कृषि भूमि को उसकी मृत्यु के बाद भी पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर अन्य व्यक्तियों को बेच दिया।
जांच में सामने आया कि ग्राम बरखेड़ा नाबू, तहसील हुजूर स्थित कृषि भूमि के मूल स्वामी किसान अचल सिंह मेवाड़ा ने 18 दिसंबर 2018 को अपनी भूमि के एक हिस्से के संबंध में मणीराज सिंह के पक्ष में पंजीकृत पावर ऑफ अटॉर्नी दी थी, जो केवल अचल सिंह के जीवनकाल तक ही वैध थी। 7 फरवरी 2022 को अचल सिंह मेवाड़ा की मृत्यु हो गई, जिससे कानूनन यह पावर ऑफ अटॉर्नी स्वतः समाप्त हो गई थी।
इसके बावजूद आरोपियों ने न तो पंजीयन कार्यालय को मृत्यु की सूचना दी और न ही वैधानिक प्रक्रिया अपनाई। जांच में पाया गया कि मृतक की मृत्यु के तथ्य को छुपाकर अवैध रूप से समाप्त हो चुकी पावर ऑफ अटॉर्नी का दुरुपयोग किया गया। फरवरी 2022 से दिसंबर 2022 के बीच भूमि के अलग-अलग हिस्सों को प्लॉट के रूप में कुल 9 रजिस्ट्रियों के माध्यम से विभिन्न लोगों को बेचा गया और अवैध आर्थिक लाभ अर्जित किया गया।
EOW द्वारा पंजीयन अभिलेख, संपदा सॉफ्टवेयर रिकॉर्ड, मृत्यु प्रमाण पत्र, बैंकिंग विवरण एवं संबंधित व्यक्तियों के कथनों का परीक्षण किया गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह कृत्य जानबूझकर धोखाधड़ी एवं आपराधिक षड्यंत्र के तहत किया गया। प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध पाए जाने पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने आरोपी मणीराज सिंह एवं अन्य के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) एवं 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया है। प्रकरण में आगे की वैधानिक विवेचना जारी है।







