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फसल सूख रही, किसानों को रोकने के लिए सरकार  दिल्ली मॉडल की किलेबंदी सीख रही : पटवारी कम बारिश  सिंचाई-बिजली संकट और दाम की मार का आरोप

फसल सूख रही, किसानों को रोकने के लिए सरकार  दिल्ली मॉडल की किलेबंदी सीख रही : पटवारीकम बारिश  सिंचाई-बिजली संकट और दाम की मार का आरोप

भोपाल, यश भारत। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में किसानों की स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कम बारिश  सिंचाई और बिजली संकट तथा फसलों के उचित दाम नहीं मिलने से किसान परेशान हैं  जबकि सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके संभावित आंदोलन को रोकने की तैयारी कर रही है। पटवारी ने कहा कि जुलाई में हुए मूंग आंदोलन के बाद सरकार किसानों के लोकतांत्रिक विरोध को लेकर चिंतित है। उनके अनुसार  भोपाल में किसानों को रोकने के लिए राजधानी के प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों पर कंक्रीट ब्लॉक  कंटेनर  कंटीले तार और अस्थायी बैरिकेडिंग जैसी व्यवस्थाओं की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों को रोकने के बजाय उनकी समस्याओं के समाधान की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 1 जून से 30 सितंबर 2026 तक प्रदेश में 908.4 मिमी बारिश दर्ज हुई  जबकि सामान्य बारिश 949.5 मिमी है। पटवारी ने पश्चिमी मध्यप्रदेश और इंदौर संभाग में कम बारिश का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे खरीफ फसल के साथ रबी की बोवनी और सिंचाई को लेकर भी किसानों की चिंता बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंचाई के साधन होने के बावजूद कई किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है और नहरों की स्थिति भी खराब है। पटवारी ने कहा कि किसान को तत्काल पानी की जरूरत है  जबकि कई सिंचाई परियोजनाओं में भविष्य की समय सीमा बताई जा रही है। उन्होंने रबी सीजन के लिए प्रमुख बांधों और नहरों से पानी छोड़ने का स्पष्ट रोस्टर सार्वजनिक करने की मांग की।

भावांतर योजना पर भी उठाए सवाल

पटवारी ने सोयाबीन के लिए शुरू की गई भावांतर योजना को लेकर कहा कि यह केवल पंजीयन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए  बल्कि किसानों को उपज का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए। 2026-27 के लिए सोयाबीन किसानों का भावांतर योजना के तहत पंजीयन 3 से 17 अक्टूबर तक किया जा रहा है।

कांग्रेस ने रखीं पांच मांगें

कांग्रेस ने कम बारिश और फसल नुकसान वाले जिलों में विशेष गिरदावरी कराकर मुआवजा देने सोयाबीन सहित प्रमुख फसलों के लिए एमएसपी की प्रभावी गारंटी  रबी सिंचाई के लिए जल वितरण का स्पष्ट रोस्टर  किसानों को पर्याप्त कृषि बिजली और खराब ट्रांसफार्मरों को 48 घंटे में बदलने की मांग की है। साथ ही किसानों के राजधानी में प्रवेश को रोकने के लिए प्रस्तावित बैरिकेडिंग एवं कंटेनमेंट जोन की योजना रद्द करने की मांग की गई। पटवारी ने कहा कि किसान को बैरिकेड नहीं  बाजार  कंटेनर नहीं  सिंचाई का पानी और पुलिस का पहरा नहीं  फसल का पूरा दाम चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज दबाने का प्रयास हुआ तो कांग्रेस सड़क से सदन तक किसानों के साथ खड़ी रहेगी।

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