
जबलपुर, यश भारत। शहर के दीनदयाल क्षेत्र के पास स्थित माढ़ोताल मुक्तिधाम इन दिनों बदहाल व्यवस्थाओं के कारण उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। मुक्तिधाम में मूलभूत सुविधाओं के अभाव और सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने से यहां अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों के साथ-साथ कर्मचारियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मुक्तिधाम की देखरेख करने वाली एक कर्मचारी ने बताया कि परिसर की बाउंड्री वॉल कई स्थानों से टूटी हुई है, जिसके कारण रात के समय असामाजिक तत्वों का यहां जमावड़ा लगा रहता है। आरोप है कि ये लोग शराब पीकर उत्पात मचाते हैं और अनैतिक गतिविधियों को भी अंजाम देते हैं।
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विरोध करने पर कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और धमकाने जैसी घटनाएं भी होती हैं। पुलिस की नियमित गश्त नहीं होने से ऐसे तत्वों के हौसले बुलंद हैं। कर्मचारियों के अनुसार नगर निगम की ओर से मुक्तिधाम में पर्याप्त बिजली व्यवस्था भी नहीं है। रात होते ही पूरा परिसर अंधेरे में डूब जाता है, जिससे सुरक्षा संबंधी खतरे और बढ़ जाते हैं। वहीं अंतिम संस्कार में आने वाले लोगों के लिए पेयजल की भी कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। मजबूरी में लोगों को काफी दूर से पानी लाना पड़ता है, जिससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ती है। इसके अलावा मुक्तिधाम में गर्मी और बरसात के दौरान लोगों के बैठने या श्रद्धांजलि सभा आयोजित करने के लिए शेड अथवा प्रार्थना स्थल भी नहीं है। ऐसे में अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों
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को खुले आसमान के नीचे खड़ा रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पहले भी नगर निगम प्रशासन और क्षेत्रीय पार्षद को कई बार अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मुक्तिधाम की बाउंड्री वॉल की मरम्मत, बिजली और पानी की व्यवस्था, बैठने के लिए शेड का निर्माण तथा बचायेंगे ली लायें नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित की जाए, ताकि इस पवित्र स्थल की गरिमा बनी रहे।







