पुलिसिंग में समुदाय की भागीदारी बढ़ेगी, न्याय तक पहुंच होगी आसान

पुलिसिंग में समुदाय की भागीदारी बढ़ेगी, न्याय तक पहुंच होगी आसान
– संबल सम्मेलन में पुलिस, एनजीओ और सिविल सोसायटी के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
भोपाल, यश भारत। अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था के साथ आम लोगों को न्याय और सुरक्षा उपलब्ध कराने में सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने पर मध्यप्रदेश पुलिस ने जोर दिया है। इसी उद्देश्य से अपराध अनुसंधान विभाग और सामुदायिक पुलिसिंग शाखा की ओर से मंगलवार को आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में संबल न्याय सुलभता, समाज कार्य एवं सामुदायिक पुलिस सहभागिता विषय पर राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में पुलिस, विधिक सेवा संस्थाओं, प्रशासन, गैर-सरकारी संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शैक्षणिक संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ाने पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में विशेष पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान विभाग पंकज श्रीवास्तव, उच्च शिक्षा आयुक्त प्रबल सिपाहा, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुमन श्रीवास्तव, पुलिस आयुक्त भोपाल संजय कुमार और डीआईजी सामुदायिक पुलिसिंग डॉ. विनीत कपूर सहित अन्य विशेषज्ञ मौजूद रहे। सम्मेलन में प्रदेश के 75 से अधिक एनजीओ, जिला पुलिस अधिकारी, बाल संरक्षण से जुड़े अधिकारी, अभियोजन अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधि तथा सामाजिक कार्य और विधि क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल हुए। पुलिस आयुक्त भोपाल संजय कुमार ने कहा कि कई स्थानीय समस्याएं पुलिस तक शिकायत के रूप में पहुंच ही नहीं पातीं। मोहल्लों में नशाखोरी, अवैध शराब, महिलाओं के लिए असुरक्षित स्थान या असामाजिक तत्वों का जमावड़ा जैसी समस्याओं की जानकारी समुदाय के साथ लगातार संवाद से समय रहते मिल सकती है। इससे पुलिस को कार्रवाई में मदद मिलती है। डीआईजी सामुदायिक पुलिसिंग डॉ. विनीत कपूर ने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में सामुदायिक पुलिसिंग के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। ग्राम एवं नगर रक्षा समितियों, कम्युनिटी सेफ्टी वॉलंटियर्स और सामाजिक संगठनों की सहभागिता भी बढ़ाई जा रही है। सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में महिला एवं बाल सुरक्षा, कानूनी सहायता, पीड़ितों के पुनर्वास, मानसिक स्वास्थ्य, बाल संरक्षण, नशामुक्ति, साइबर जागरूकता और जनसंवाद जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।







