आस्था से गुलजार हुईं नारियल मंडियां, नवरात्रि में जबलपुर में बिके 2 से 3 लाख नग नारियल ,लाखों का कारोबार

जबलपुर। यशभारत। शारदेय नवरात्रि में संस्कारधानी के बाजारों में नारियल की मांग बढ़ने के साथ लाखों रुपये का कारोबार होता है। देवी मंदिरों में नारियल अर्पित करने और मन्नत मांगने की परंपरा के चलते नौ दिनों तक थोक मंडियों से लेकर फुटकर दुकानों तक बिक्री में तेजी रहती है। व्यापारियों के अनुमान के मुताबिक, नवरात्रि के दौरान जबलपुर में नारियल का कुल कारोबार 23 से 30 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। इसमें निवाड़गंज की थोक मंडी में 18 से 20 लाख रुपये और उपनगरीय क्षेत्रों में पांच से दस लाख रुपये के कारोबार का अनुमान शामिल है। निवाड़गंज स्थित नारियल मंडी में करीब नौ से दस दुकानें हैं। व्यापारियों के अनुसार, नवरात्रि के दौरान प्रत्येक दुकान पर डेढ़ से दो लाख रुपये तक के नारियल बिकने का अनुमान है। इस आधार पर मंडी का कुल कारोबार 18 से 20 लाख रुपये बैठता है। वहीं, शहर के उपनगरीय क्षेत्रों में भी नारियल की बिक्री से पांच से दस लाख रुपये तक का कारोबार होने की संभावना जताई गई है। इन अनुमानों को जोड़ने पर कुल कारोबार 23 से 30 लाख रुपये तक पहुंचता है। यह आंकड़ा व्यापारियों के अनुमानों पर आधारित है, इसका कोई आधिकारिक संकलन उपलब्ध नहीं है।
100 बोरे की आपूर्ति, शहर में खपत करीब 10 हजार नग
निवाड़गंज स्थित अमन ट्रेडर्स के संचालक के अनुसार, नवरात्रि के दौरान जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 100 बोरे नारियल की आपूर्ति होती है। एक बोरे में औसतन 200 नग नारियल होने के हिसाब से कुल आपूर्ति लगभग 20 हजार नग होती है। इनमें से करीब 50 बोरे यानी 10 हजार नग की खपत जबलपुर में होती है, जबकि शेष 50 बोरे आसपास के क्षेत्रों में भेजे जाते हैं।
एक बोरे की कीमत 4,500 से 5,500 रुपये
व्यापारियों के मुताबिक, नारियल के आकार और गुणवत्ता के आधार पर एक बोरे की कीमत करीब 4,500 से 5,500 रुपये तक रहती है। फुटकर बाजार में एक नारियल 30 से 40 रुपये तक में बिकता है। नवरात्रि में मांग बढ़ने के कारण दुकानदार पहले से माल जुटाते हैं, ताकि मंदिरों, फुटकर विक्रेताओं और श्रद्धालुओं की जरूरत पूरी की जा सके।
तेवर मंदिर में मन्नत के नारियल की मांग
जबलपुर के निकट तेवर स्थित ऐतिहासिक मां त्रिपुर सुंदरी मंदिर में नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां लाल कपड़े में नारियल बांधकर मन्नत मांगने की परंपरा के कारण नारियल की मांग बढ़ जाती है। मंदिर के आसपास नारियल के साथ चुनरी, फूल-माला, अगरबत्ती और अन्य पूजन सामग्री की बिक्री भी तेज हो जाती है। इस तरह नवरात्रि में धार्मिक आस्था के साथ स्थानीय बाजारों को भी गति मिलती है।







