भोपालमध्य प्रदेश

किसान कल्याण वर्ष को लेकर सीएम एक्शन मोड में: कलेक्टरों को दिए कड़े निर्देश

किसान कल्याण वर्ष को लेकर सीएम एक्शन मोड में: कलेक्टरों को दिए कड़े निर्देश

भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी सौगात देते हुए गेहूं खरीदी के लक्ष्य में ऐतिहासिक वृद्धि की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को राजधानी स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन और नीति विश्लेषण स्कूल में वरिष्ठ अधिकारियों की एक अहम बैठक बुलाई। बैठक का मुख्य एजेंडा ‘किसान कल्याण वर्ष’ के अंतर्गत नई नीतियों को धरातल पर उतारना और कृषि से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना रहा।

गेहूं खरीदी का लक्ष्य 78 से बढ़कर 100 लाख मीट्रिक टन हुआ
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन को देखते हुए केंद्र सरकार से खरीदी सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया गया था, जिसे मंजूरी मिल गई है। अब राज्य में गेहूं खरीदी का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। किसानों की सुविधा के लिए अब खरीदी केंद्र सप्ताह में 6 दिन खुले रहेंगे। साथ ही, स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि को 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई कर दिया गया है।

नीतिगत फैसलों पर मंथन
सुशासन भवन में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में सहकारिता, कृषि, पशुपालन, राजस्व, वित्त, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन और ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी (एसीएस और प्रमुख सचिव स्तर) मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने इन विभागों के साथ मिलकर आगामी योजनाओं की समीक्षा की और किसानों को दी जाने वाली सुविधाओं को और अधिक सुगम बनाने पर चर्चा की।

सरकार की प्रमुख घोषणाएं:
उड़द पर बोनस: उड़द की खरीदी पर समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 600 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दिया जाएगा।

मुआवजा: किसानों की भूमि अधिग्रहण के बदले अब 4 गुना तक मुआवजा मिलेगा।

सिंचाई व बिजली: किसानों को मात्र 5 रुपये में कृषि पंप कनेक्शन दिया जा रहा है। साथ ही, अब सिंचाई के लिए रात के बजाय दिन में पर्याप्त बिजली देने की योजना पर कार्य जारी है।

दुग्ध उत्पादन: प्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने के लिए 1752 नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया है, जिससे किसानों को दूध के दाम में 8 से 10 रुपये प्रति किलो की वृद्धि मिली है।

यूरिया की उपलब्धता: प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद इस वर्ष यूरिया का स्टॉक 5.90 लाख मीट्रिक टन सुनिश्चित किया गया है, जो गत वर्ष से अधिक है।

कलेक्टरों को दिए निर्देश
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा की। उन्होंने सभी जिला अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों का लाभ तत्काल प्रभाव से किसानों तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से खरीदी केंद्रों पर सुचारू व्यवस्था और किसानों को भुगतान में देरी न होने देने की बात कही।

 

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