
नई दिल्ली,यश भारत । पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल ले जाने के बाद भी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अपने आंदोलन को जारी रखने का ऐलान किया है। वांगचुक 28 जून से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे थे। शनिवार को उनके अनशन का 21वां दिन था।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाया गया। इसके बाद सीजेपी ने घोषणा की कि अभिजीत दीपके अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखेंगे और 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार निकाला जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वांगचुक को हटाए जाने से आंदोलन की दिशा बदल सकती है, लेकिन इससे समर्थकों का उत्साह भी बढ़ सकता है। अब सबकी निगाहें 20 जुलाई को होने वाले मार्च पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि आंदोलन को कितना जनसमर्थन मिलता है और सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है। यह घटनाक्रम शिक्षा सुधार और लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन के अधिकार को लेकर नई बहस को भी जन्म दे सकता है।






