बच्चों को बताया अच्छे-बुरे स्पर्श का फर्क, 550 विद्यार्थियों ने सीखे सुरक्षा के गुर सुरक्षित बचपन अभियान के तहत गुरुकुलम में विधिक जागरूकता कार्यक्रम, पॉक्सो कानून से लेकर बाल अधिकारों तक दी गई जानकारी

बच्चों को बताया अच्छे-बुरे स्पर्श का फर्क, 550 विद्यार्थियों ने सीखे सुरक्षा के गुर
सुरक्षित बचपन अभियान के तहत गुरुकुलम में विधिक जागरूकता कार्यक्रम, पॉक्सो कानून से लेकर बाल अधिकारों तक दी गई जानकारी
भोपाल , यश भारत। बच्चों का बचपन सुरक्षित होगा तभी उनका भविष्य भी सुरक्षित बनेगा। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के सुरक्षित बचपन अभियान के तहत रविवार को एकलव्य आवासीय विद्यालय (गुरुकुलम) भोपाल में वृहद विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें करीब 550 विद्यार्थियों ने भाग लिया।

- कार्यक्रम में बच्चों को अच्छे बुरे स्पर्श की पहचान व्यक्तिगत सुरक्षा और शोषण के खिलाफ आवाज उठाने के तरीके बताए गए। राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भोपाल द्वारा आयोजित कार्यक्रम जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा प्राधिकरण के अध्यक्ष मनोज कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत अमरकंटक में आयोजित राज्य स्तरीय शुभारंभ समारोह के सीधे प्रसारण से हुई।

विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) कुमुदिनी पटेल ने सरल कहानियों और उदाहरणों के माध्यम से बच्चों को पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रावधान समझाए। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के अनुचित व्यवहार या शोषण को छिपाएं नहीं बल्कि तत्काल अभिभावकों शिक्षकों या विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी दें।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं जिला न्यायाधीश हिमांशु कौशल ने बच्चों को किशोर न्याय अधिनियम बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को भयमुक्त और सम्मानजनक वातावरण में रहने का अधिकार है। जिला विधिक सहायता अधिकारी मुहम्मद जीलानी ने हेल्पलाइन नंबर 15100 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी दी। वहीं आवाज संस्था के सपोर्ट पर्सन नितिन व्यास और रिसोर्स पर्सन मालती पटेल ने बाल संरक्षण पर मार्गदर्शन दिया।
उल्लेखनीय है कि अभियान के तहत 1 से 6 नवंबर तक विद्यालयों में बाल सुरक्षा अधिकारों और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।






